Allahabad University : फीस वृद्धि के विरोध में छात्रों ने, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल को लिखा रक्तपत्र
फीस वृद्धि के खिलाफ छात्रसंघ भवन के सामने आमरण अनशन भी जारी है। विवेक सुल्तानवी और मुकेश यादव अनशन पर बैठे हैं। अनशन स्थल पर ही छात्रों ने रक्त पत्र लिखा, जिसमें कहा गया कि इविवि में 80 फीसदी छात्र ग्रामीण पृष्ठभूमि और गरीब परिवार से आते हैं।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में फीस वृद्धि के विरोध में छात्रों ने संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार को प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राज्यपाल, शिक्षा मंत्री एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को रक्त पत्र लिखा। फीस वृद्धि के मुद्दे पर चार अक्तूबर को इविवि एवं जिला प्रशासन के अफसरों के साथ छात्रों की वार्ता प्रस्तावित है।
फीस वृद्धि के खिलाफ छात्रसंघ भवन के सामने आमरण अनशन भी जारी है। विवेक सुल्तानवी और मुकेश यादव अनशन पर बैठे हैं। अनशन स्थल पर ही छात्रों ने रक्त पत्र लिखा, जिसमें कहा गया कि इविवि में 80 फीसदी छात्र ग्रामीण पृष्ठभूमि और गरीब परिवार से आते हैं। ऐसे में सीधे चार गुना फीस वृद्धि ऐसे परिवार के बच्चों को उच्च शिक्षा से वंचित कर देगी।
इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रवि किरण जैन के नेतृत्व में नागरिक समाज इलाहाबाद के लोगों ने अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदालन को अपना समर्थन दिया। इनमें नरेश सहगल, सुरेंद्र राही, हरिश्चंद्र द्विवेदी, अवधेश यादव, ऋषेश्वर उपाध्याय, सुनीता शाह, विनोद तिवारी, डॉ. विक्रम, रामाज्ञा राय आदि शामिल रहे।
छात्रों की चार अक्तूबर को इविवि प्रशासन और जिला प्रशासन के अफसरों के साथ वार्ता भी प्रस्तावित है। दो अक्तूबर को डीएम और कमिश्नर ने छात्रों के साथ बैठक कर फीस वृद्धि के मुद्दे पर इविवि प्रशासन के साथ वार्ता कराने का आश्वासन दिया था। हालांकि छात्रों को देर शाम तक नहीं बताया गया कि वार्ता कहां होगी।