प्रयागराज : मनोविज्ञान और शिक्षाशास्त्र एक साथ नहीं पढ़ सकेंगे छात्र, दो मेजर एक माइनर विषय का करना होगा चयन
विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति-2020 के तहत स्नातक के पहले दो वर्षों में दो मेजर और तीसरा माइनर विषय चुनना होगा। विद्यार्थियों को कला संकाय के कुल 24 विषयों में से विषय संयोजन का निर्धारण करना होगा। वहीं, विज्ञान संकाय में तीन ग्रुपों में 11 विषय होंगे।
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प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय में स्नातक में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी दो से अधिक भाषा विषय एक साथ चयनित नहीं कर सकेंगे। साथ ही मनोविज्ञान और शिक्षाशास्त्र, प्राचीन इतिहास और मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास, समाजशास्त्र एवं समाजकार्य और गृहविज्ञान एवं रक्षा अध्ययन विषय एक साथ नहीं चुन सकेंगे। राज्य विश्वविद्यालय ने स्नातक में दाखिले के लिए कला एवं विज्ञान संकाय में विषय संयोजन कर लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति-2020 के तहत स्नातक के पहले दो वर्षों में दो मेजर और तीसरा माइनर विषय चुनना होगा। विद्यार्थियों को कला संकाय के कुल 24 विषयों में से विषय संयोजन का निर्धारण करना होगा। वहीं, विज्ञान संकाय में तीन ग्रुपों में 11 विषय होंगे। ग्रुप-ए में फिजिक्स एवं मैथ्स, ग्रुप-बी में केमेस्ट्री, कंप्यूटर एप्लीकेशन, इकोनॉमिक्स, फिजिकल एजुकेशन, डिफेंस स्टडीज, कंप्यूटर साइंस एवं बायोटेक्नोलॉजी और ग्रुप-सी में बॉटनी एवं जूलॉजी विषय शामिल किए गए हैं। ग्रुप-ए, बी एवं सी में से दो मुख्य विषय और एक माइनर विषय का चयन करना होगा।
ग्रुप-ए से विषय का चयन विद्यार्थी तभी कर सकता है, जब उसने इंटरमीडिएट फिजिक्स और मैथ्स के साथ उत्तीर्ण किया हो। ग्रुप-सी से विषय का चयन विद्यार्थी तभी कर सकता है जब उसने इंटरमीडिएट बायोलॉजी के साथ उत्तीर्ण किया हो और ग्रुप-बी के विषयाें में से केमेस्ट्री का चयन विद्यार्थी तभी कर सकता है, जब इंटरमीडिएट में उसने केमेस्ट्री का अध्ययन किया हो।
कला संकाय में पढ़ाए जाएंगे यह 24 विषय
हिंदी साहित्य, हिंदी भाषा, गृह विज्ञान, संस्कृत, उर्दू, संगीत तबला, प्राचीन इतिहास, राजनीति विज्ञान, संगीत वोकल, दर्शनशास्त्र, रक्षा अध्ययन, शारीरिक शिक्षा, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, संगीत सितार, मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास, शिक्षाशास्त्र, ड्राइंग एंड पेंटिंग, अंग्रेजी साहित्य, भूगोल, गणित, अंग्रेजी भाषा, मनोविज्ञान और समाज कार्य।
ऑनलाइन कोर्स के माध्यम से मिलेंगे 40 फीसदी तक क्रेडिट
विद्यार्थी मान्यता प्राप्त संस्थाओं जैसे स्वयं, मूक्स आदि से यूजीसी/शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की ओर से अनुमन्य सीमा 40 फीसदी तक क्रेडिट ऑनलाइन कोर्स के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे और उसके अनुपात में कोर्स/विषय छोड़ सकेंगे। ऑनलाइन विषय चयनित करने की यह सुविधा मेजर एवं माइन विषयों को छोड़कर अन्य पर ही लागू होगी।
विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण करके निशुल्क अध्ययन कर सकते हैं, जिनकी परीक्षा विवि सत्रांत में कराएगा। विद्यार्थी चयनित ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की सूचना विश्वविद्यालय को देंगे। अर्जित किए गए क्रेडिट का उपयोग विद्यार्थी सिर्फ एक उपाधि के लिए ही कर सकेंगे। एक बार किसी क्रेडिट का प्रयोग करने के बाद दूसरी उपाधि के लिए उसका प्रयोग नहीं कर सकेंगे।