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कुलपति का विरोध करने वाले छात्रों की वापस ली जाए डिग्री

Fri, 26 Jan 2018 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 26 Jan 2018 02:06 AM IST
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Students who oppose the Vice-Chancellor may be withdrawn
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
यूइंग क्रिश्चियन कॉलेज में कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू का विरोध करने वाले छात्रों को विश्वविद्यालय की ओर से दी गईं उपाधियां (डिग्री) वापस ली जाएं। यह प्रस्ताव बृहस्पतिवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ (ऑटा) की बैठक में पारित किया गया। वहीं, महाविद्यालय शिक्षक संघ (ऑक्टा) की बैठक में भी कुलपति के साथ हुई घटना की निंदा की गई और महाविद्यालयों के शिक्षकों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न होने की दशा में आंदोलन की घोषणा की।
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विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में हुई ऑटा की बैठक में जिला प्रशासन से मांग की गई कि कुलपति के साथ हुई घटना के मामले में दोषी एवं नामजद लोगों को 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाए। निर्णय लिया गया कि महात्मा गांधी के शहादत दिवस 30 जनवरी को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शिक्षक बांह पर काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे। बैठक में मौजूद शिक्षकों ने विश्वविद्यालय को अराजकता से मुक्त करने के लिए साथ में मजबूती से खड़े रहने का निर्णय लिया और छात्रों से आह्वान किया कि इस लड़ाई में सहयोग करें। बैठक की अध्यक्षता ऑटा के अध्यक्ष प्रो. राम सेवक दुबे ने की।
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उधर, ऑक्टा के अध्यक्ष डॉ. सुनील कांत मिश्र के नेतृत्व में ईसीसी में हुई बैठक में कुलपति के साथ हुई घटना की भर्त्सना की गई। निर्णय लिया गया कि घटना के विरोध में 27 जनवरी को ऑक्टा के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य जिला प्रशासन को ज्ञापन देंगे। इसके बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती है तो 29, 30 एवं 31 जनवरी को सभी संघटक 11 महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन और महाविद्यालय इकाइयों की बैठक करेंगे। एक फरवरी को जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना देंगे। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो सभी महाविद्यालयों में प्रशासनिक  कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा और ऑक्टा संपूर्ण हड़ताल करेंगी। बैठक ऑक्टा महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र द्विवेदी, कोषाध्यक्ष डॉ. केबी श्रीवास्तव समेत डॉ. रणधीर सिंह, डॉ. रमा सिंह, डॉ. केएन सिंह आदि मौजूद रहे।
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ईसीसी में इविवि के कुलपति के साथ हुई घटना की छात्रों और संगठनों ने निंदा की है। घटना के विरोध में छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को डीएसडब्ल्यू को ज्ञापन देकर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की और घटना के विरोध में अपना सिर मुंडवाया। वहीं, शोधार्थियों ने बैठक कर घटना पर विरोध दर्ज कराया और चीफ प्रॉक्टर एवं एसएसपी को ज्ञापन देकर अराजकतत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। बैठक में नीरज सिंह, उदय सिंह, सर्वेश सिंह, अंगद सिंह, शिवा पांडेय, पवन गिरि, अंशू राय, अनिल सिंह आदि मौजूद रहे। कुलभास्कर आश्रम पीजी कॉलेज में भी शिक्षकों ने बैठक कर कुलपति के साथ हुई घटना की निंदा की। इसमें प्राचार्य डॉ. ज्योति शंकर समेत डॉ. पवन कुमार पचौरी, डॉ. आरए अवस्थी, डॉ. एसपी वर्मा आदि मौजूद रहे। एजुकेशनल सोसाइटी और प्रयाग उत्ािन मंच के सदस्यों ने भी कुलपति पर हमले के विरोध में बैठक की और घटना की निंददा करते हुए अराजकतत्वों की गिरफ्तारी की मांग की। बैठक में प्रवीण सिंह, राजेश, जितेंद्र आदि मौजूद रहे।

ईसीसी में बुधवार को हुई घटना के बाद कुलपति प्रो. आरएल हांगलू ने चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे और ईसीसी के प्राचार्य डॉ. एम. मैसी से मामले में रिपोर्ट मांगी थी। दोनों ने ही बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंप दी। अब कुलपति यह रिपोर्ट केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजेंगे।


ईसीसी में बुधवार को हुई घटना में एबीवीपी के छात्र नेता सूर्य कुमार मिश्र चोटिल हो गए थे। सूर्य प्रकाश ने मुट्ठीगंज थाने में तहरीर देकर कुलपति, उनके ड्राइवर एवं सात अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है। सूर्य प्रकाश का आरोप है कि कुलपति खुद पुलिस की गाड़ी में बैठकर निकल गए और अपने ड्राइवर से कहा कि छात्र गाड़ी के सामने से न हटें तो गाड़ी आगे बढ़ा दो। जान से मारने की नीयत से ड्राइवर ने गाड़ी आगे बढ़ा दी। छात्र का आरोप है कि इस दौरान कुलपति ने अपशब्द भी कहे। उधर, कुलपति का विरोध कर रहे छात्रों की आपात बैठक बुलाई गई और निर्णय लिया गया कि अगर कुलपति के खिलाफ जारी सविनय अवज्ञा आंदोलन के वांछित परिणाम नहीं आए तो करो या मरो की नीति पर अमल करना होगा। बैठक में राजनीश सिंह रिशु, आनंद कुमार सिंह, सूर्य देव मिश्र, निशांत राय, अभय सिंह, सौरभ सिंह, उत्कर्ष केसरवानी आदि मौजूद रहे।
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