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PRSU : राज्य विवि ने वापस ली 33 महाविद्यालयों की संबद्धता, इन कॉलेजों में तीन वर्षों से नहीं हो रहे थे दाखिले
Mon, 31 Mar 2025 01:49 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 31 Mar 2025 01:49 PM IST
सार
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध प्रयागराज, फतेहपुर, कौशाम्बी और प्रतापगढ़ के 33 महाविद्यालयों की संबद्धता वापस ले ली गई है। इनमें तीन वर्षों से दाखिले नहीं हो रहे थे।
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- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध प्रयागराज, फतेहपुर, कौशाम्बी और प्रतापगढ़ के 33 महाविद्यालयों की संबद्धता वापस ले ली गई है। इनमें तीन वर्षों से दाखिले नहीं हो रहे थे। ज्यादातर कॉलेजों में छात्रों की संख्या बहुत ही सीमित रह गई है और कुछ कॉलेजों में कोई भी छात्र अध्ययनरत नहीं है। यह मामला तब सामने आया, जब बीते दिनों एक कॉलेज को बंद करने के लिए वहां के प्रबंधन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखा।
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इसमें कहा गया है कि एक भी छात्र न होने से अब कॉलेज का संचालन संभव नहीं रह गया है, इसलिए कॉलेज बंद करना पड़ रहा है। विवि प्रशासन ने इसकी जांच कराई तो प्रयागराज मंडल में राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध 703 कॉलेजों में से ऐसे 33 स्ववित्तपोषित महाविद्यालय पाए गए, जहां तीन वर्षों से प्रवेश की प्रक्रिया लगभग ठप थी।
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इन कॉलेजों का संचालन केवल कागजों में किया जा रहा था। ऐसे में विवि प्रशासन को इनकी संबद्धता वापस लेने का फैसला करना पड़ा। राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया, इन कॉलेजों की संबद्धता वापस लेने के मामले में कार्य परिषद ने भी मुहर लगा दी है।
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इन महाविद्यालयों में बीए, एमए जैसे परंपरागत पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा था। जिन महाविद्यालयों में बहुत ही सीमित संख्या में छात्र रह गए गए हैं, वहां के छात्रों को उनकी सुविधानुसार आसपास के दूसरे महाविद्यालयों में शिफ्ट किया जाएगा।
कुलपति ने बताया कि ज्यादातर महाविद्यालयों में तीन वर्षों से कोई प्रवेश ही नहीं हुआ है। ऐसे में महाविद्यालयों के बंद होने की नौबत आ गई है। यही वजह है कि इन महाविद्यालयों की संबद्धता वापस लेने का निर्णय हुआ है। ये महाविद्यालय सत्र 2025-26 से दाखिले नहीं ले सकेंगे। अगर किसी महाविद्यालयों को संबद्धता वापस चाहिए तो कॉलेज प्रबंधन को नए सिरे से आवेदन करना होगा।