State University : रोटेशन प्रणाली के तहत होगा परीक्षा केंद्रों का निर्धारण, कुलपति ने स्पष्ट की स्थिति
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाएं 11 जनवरी से शुरू होने जा रहीं हैं। परीक्षा 132 केंद्रों में आयोजित की जाएगी। केंद्र निर्धारण को लेकर कई कॉलेजों के प्रबंधकों ने गड़बड़ी का आरोप
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प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाएं 11 जनवरी से शुरू होने जा रहीं हैं। परीक्षा 132 केंद्रों में आयोजित की जाएगी। केंद्र निर्धारण को लेकर कई कॉलेजों के प्रबंधकों ने गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मंगलवार को विश्वविद्यालय के गेट पर तालाबंदी कर दी, जिसके बाद कुलपति ने प्रबंधकों से मिलकर बताया कि केंद्र निर्धारण रोटेशन प्रणाली के तहत किया गया है। अगली बार अन्य कॉलेजों को केंद्र बनाया जाएगा।
राज्य विवि की विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं के लिए बनाए गए 132 परीक्षा केंद्रों में 112 केंद्र स्ववित्त पोषित महाविद्यालय हैं, जबकि 11 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और नौ राजकीय महाविद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। प्रयागराज, फतेहपुर, कौशाम्बी और प्रतापगढ़ में राज्य विवि से संबद्ध 653 कॉलेजों के छात्रों को दूसरे केंद्रों में भेजा गया है, जबकि जिन 132 केंद्रों में परीक्षा हो रही है, वहां पढ़ने वाली छात्राओं को स्व केंद्र की सुविधा दी गई है।
अन्य कॉलेजों की छात्राओं को दूसरे केंद्रों में भेजा गया है। इन्हीं कॉलेजों के प्रबंधक छात्राओं को स्व केंद्र की सुविधा देने की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर कई कॉलेजों के प्रबंधक सोमवार को पूरी रात कचहरी चौराहे के पास कुलपति आवास के बाहर धरने पर बैठे रहे और मंगलवार सुबह नैनी स्थित राज्य विवि परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान प्रबंधकों ने विश्वविद्यालय के गेट पर तालाबंदी भी कर दी। मौके पर शिक्षक विधायक सुरेश त्रिपाठी भी पहुंच गए। मामला बढ़ने पर कुलपति ने उन्हें वार्ता के लिए बुलाया।
कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने प्रबंधकों को बताया कि केंद्र निर्धारण रोटेशन प्रणाली के तहत किया गया है। अप्रैल-मई में होने वाली वार्षिक और सम सेमेस्टर की परीक्षाओं में अन्य स्व वित्त पोषित महाविद्यालयों को केंद्र बनाया जाएगा। तब संबंधित केंद्र की छात्राओं को स्व केंद्र की सुविधा मिलेगी और अन्य कॉलेजों की छात्राओं को दूसरे केंद्रों में परीक्षा देनी होगी। कुलपति की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद प्रबंधक वहां से लौट गए।