फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   State and Central Government asked for reply in Ramji Lal Suman's security case

Prayagraj News: रामजी लाल सुमन की सुरक्षा मामले में राज्य व केंद्र सरकार से जवाब-तलब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 01 May 2025 02:19 AM IST
विज्ञापन
State and Central Government asked for reply in Ramji Lal Suman's security case
हाईकोर्ट ने सपा के राज्यसभा सदस्य रामजी लाल सुमन की ओर से सुरक्षा को लेकर दाखिल याचिका पर राज्य व केंद्र सरकार से तीन सप्ताह में जवाबी हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। इसका प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए तीन दिन का समय देते हुए 28 मई की तिथि तय की है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता व न्यायमूर्ति हरवीर सिंह की खंडपीठ ने दिया है।
विज्ञापन

सपा नेता ने राज्यसभा में राणा सांगा पर विवादित बयान दिया था। इसे लेकर करणी सेना सहित अन्य कई संगठन उनका विरोध कर रहे हैं। आगरा स्थित उनके आवास पर सैकड़ों लोगों ने कथित रूप से तोड़फोड़ की थी। ऐसे में रामजी लाल सुमन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा की गुहार लगाई है।
विज्ञापन


न्यायालय में बुधवार को याची के अधिवक्ता इमरान उल्लाह व विनीत विक्रम ने दलील दी कि राज्य सभा सदस्य पर लगातार हमले हो रहे हैं। उनकी जीभ काटने के लिए एक करोड़ रुपये की सुपारी दी गई है। अलग-अलग संगठन धमकियां दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद भी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में राज्य सभा सदस्य की हत्या की आशंका है। ऐसा प्रतीत होता है कि धमकी देने वाले संगठनों को राज्य सरकार का संरक्षण प्राप्त है। यह भी दलील दी कि 100 से अधिक लोग सांसद के घर तक जेसीबी लेकर पहुंच जा रहे हैं और तोड़फोड़ कर रहे हैं।
आरोपियों पर मुकदमा दर्ज है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। कोर्ट से मांग की गई कि किसी केंद्रीय सुरक्षा बल की सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही दर्ज एफआईआर की विवेचना ठीक से हो। धमकी देने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं, राज्य के वकील ने दलील दी कि सांसद को दोहरी सुरक्षा प्रदान की गई है। इस पर कोर्ट ने राज्य व केंद्र से जवाब तलब किया है।


जो बयान रिकॉर्ड पर ही नहीं उसे क्यों प्रसारित किया जा रहा
प्रयागराज। अधिवक्ता इमरान उल्लाह ने कहा कि राज्यसभा में रामजी लाल सुमन ने जो बयान दिया था, उसे रिकॉर्ड से हटा दिया गया है। इसके बाद भी मीडिया उसे प्रसारित कर रही है, जबकि जो तथ्य रिकॉर्ड पर हैं ही नहीं, उसे प्रसारित नहीं किया जाना चाहिए। प्रसारित वीडियो की वजह से ही सांसद को कई संगठन धमकी दे रहे हैं। उनके घर पर हमला भी किया गया। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed