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सेंट मैरीज स्कूल केस : मामू की आंखों से बरसा जेना की मौत का गम, बोले- इंसाफ के लिए बहन को भी नहीं गवाना चाहता

Wed, 30 Oct 2024 11:36 AM IST
विनोद सिंह अनूप ओझा, अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अनूप ओझा, अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 30 Oct 2024 11:36 AM IST
सार

21 अक्तूबर को जेना ने अपने कमरे में फांसी लगा ली थी। तब, इसी कमरे के दूसरे बेड पर उसका छोटा भाई सोया हुआ था, जबकि मां सूफिया रशीद जिम गई हुईं थीं। जेना ने सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए स्कूल प्रशासन को जिम्मेदार बताया था। यहां तक लिखा कि ऐसे स्कूल में ताला डलवा देना चाहिए।

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St. Mary's School Case: Mamu eyes shed grief over Jena death
जेना की मौत से दुखी परिजन। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सेंट मैरीज स्कूल की नौवीं की छात्रा जेना हुसैन खान की मौत के नौ दिन बाद भी न पुलिस तिल भर आगे बढ़ सकी, न ही कॉलेज प्रशासन। परिजनों की चुप्पी इस कुहासे को और घना करती है। तहरीर क्यों नहीं दी...के जवाब में मामू टीपू मिर्जा फफककर बोले, भांजी को तो गंवा ही चुका हूं। न्याय के फेर में इकलौती बहन और भांजे को नहीं खोना चाहता।

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अबूबकरपुर मुहल्ले की गली में टीपू मिर्जा अपनी भांजी की मौत की दास्तां सुनाते वक्त कई बार फफक पड़े। जेना की नानी मुनीश फातिमा और छोटे मामू हंजला मिर्जा की भी आंखों से आंसुओं की लोर टपकती रही। मौत की खबर पाकर मुंबई से आए मामू सुसाइड नोट का अर्थ पूछते हैं...उसने ''''ट्रॉमा पीयर'''' शब्द का इस्तेमाल किया है, जो भयानक अहसास कराता है।

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21 अक्तूबर को जेना ने अपने कमरे में फांसी लगा ली थी। तब, इसी कमरे के दूसरे बेड पर उसका छोटा भाई सोया हुआ था, जबकि मां सूफिया रशीद जिम गई हुईं थीं। जेना ने सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए स्कूल प्रशासन को जिम्मेदार बताया था। यहां तक लिखा कि ऐसे स्कूल में ताला डलवा देना चाहिए।

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St. Mary's School Case: Mamu eyes shed grief over Jena death
एसएमसी की छात्रा जेना हुसैन का प्रीतमनगर अबूबकरपुर स्थित नानी का घर। इसी घर में जैना का ज्यादातर समय व्यतीत होता था। - फोटो : अमर उजाला।

परिवारीजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही अबूबकरपुर कब्रिस्तान में दफना दिया था। धूमनगंज इंस्पेक्टर अमरनाथ राय ने भी बताया कि उन्हें सुसाइड की कोई जानकारी नहीं दी गई। इसी कारण घटनास्थल की जांच भी नहीं कर पाया। सुसाइड नोट में बेहद गंभीर आरोप होते हुए भी जेना के माता-पिता ने कोई टिप्पणी नहीं की है।

वहीं, जेना के बड़े मामू टीपू मिर्जा बताते हैं कि घटना के दिन से ही बहन सूफिया गहरे सदमे में हैं। उन्हें नींद नहीं आ रही है। इसके लिए गोलियां और इंजेक्शन देने पड़ रहे हैं। दोनों की हालत देखकर उन्हें अपने घर ले आए हैं। सेंट मैरीज स्कूल की पुलिस से शिकायत क्यों नहीं की, इस पर टीपू मिर्जा कहते हैं, अभी परिवार संभाल रहा हूं।

जेना अपने घर से लेकर ननिहाल तक इकलौती बेटी होने के नाते सबकी दुलारी थी। वह अपनी मां मुनीश फातिमा संग जेना की तस्वीर दिखाते हुए फफक पड़ते हैं। कहते हैं, जाने दीजिए। अब इस तकलीफ को आगे बढ़ाने से कुछ हासिल होने वाला नहीं है।

St. Mary's School Case: Mamu eyes shed grief over Jena death
सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल। - फोटो : अमर उजाला।

ससुराल नहीं लौटना चाहतीं सूफिया रशीद

जेना की मां सूफिया रशीद बेटी को खोने के बाद से गहरे सदमे में हैं। वह बार-बार विचलित हो जा रही हैं। टीपू मिर्जा बताते हैं कि बहन सूफिया रशीद अब ससुराल नहीं लौटना चाहतीं। उन्होंने फैसला किया है कि जिस घर में इकलौती बेटी को गंवा दिया, वहां वह दोबारा कदम नहीं रखना चाहती। लिहाजा, अब मायके में ही रहने का फैसला किया है।

मुझे भी कब्र में ही दफना दो...: 

टीपू मिर्जा बताते हैं कि मिट्टी देने के दौरान सूफिया कब्रिस्तान में ही लेट जा रही थीं। कह रही थीं, मुझे भी जेना की कब्र के ही पास दफना दो। किसी तरह उन्हें संभाला गया। बेटी की मौत के नौ दिन बाद भी उसके अब्बू अरफत खान ने चुप्पी नहीं तोड़ी। मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने उनसे मिलने की कोशिश की, लेकिन वह सामने नहीं आए।

धूमनगंज पुलिस परिजनों से मिली थी, लेकिन उन्होंने कोई तहरीर नहीं दी है। शिकायत का इंतजार है, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अभिषेक भारती, डीसीपी नगर

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