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यूपी : डिप्टी सीएम केशव के भविष्य को लेकर अटकलें तेज, भाजपाइयों ने सोशल मीडिया पर चलाया अभियान

Sun, 13 Mar 2022 07:01 AM IST
विनोद सिंह राहुल शर्मा, प्रयागराज
राहुल शर्मा, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 13 Mar 2022 07:01 AM IST
सार

केशव मौर्य को लेकर कहा जा रहा है कि वह भाजपा में पिछड़ी जाति के प्रदेश के सबसे बड़े चेहरे हैं। वर्ष 2017 में उनकेे प्रदेश अध्यक्ष रहने के दौरान ही भाजपा ने 300 से ज्यादा सीटें जीती। इसके पूर्व वर्ष 2014 में ही फूलपुर से सांसद का चुनाव केशव ने रिकार्ड मत से जीतकर वहां पहली बार कमल खिलाया था।

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Speculation intensifies about Deputy CM Keshav Prasad Maurya future,BJP Leaders campaigns launched on social media
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विधान सभा चुनाव के दौरान सिराथू सीट पर केशव को भले ही पराजय का सामना करना पड़ा हो, लेकिन इस हार से उनका कद नहीं घटा है। समर्थक मान रहे हैं कि उन्हें फिर से बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। वहीं केशव के समर्थकों समेत भाजपाइयों ने उन्हें एक बार फिर से प्रदेश का डिप्टी सीएम बनाए जाने की मुहिम सोशल मीडिया के माध्यम से छेड़ दी है। शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीके सिंह, पूर्व विधायक दीपक पटेल समेत तमाम भाजपाइयों ने लखनऊ जाकर केशव से मुलाकात भी की। साथ ही प्रदेश में भाजपा के प्रचंड बहुमत में उनकी उल्लेखनीय भूमिका के लिए बधाई भी दी।

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केशव मौर्य को लेकर कहा जा रहा है कि वह भाजपा में पिछड़ी जाति के प्रदेश के सबसे बड़े चेहरे हैं। वर्ष 2017 में उनकेे प्रदेश अध्यक्ष रहने के दौरान ही भाजपा ने 300 से ज्यादा सीटें जीती। इसके पूर्व वर्ष 2014 में ही फूलपुर से सांसद का चुनाव केशव ने रिकार्ड मत से जीतकर वहां पहली बार कमल खिलाया था। इस बार भी विधानसभा चुनाव के दौरान डिप्टी सीएम ने प्रदेश के सभी जिलों में ताबड़तोड़ सभाएं कर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का काम किया।
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इन्हीं सब वजहों से माना जा रहा है कि पार्टी उनकी अनदेखी नहीं करेगी। चर्चा है कि भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में केशव मौर्य एक बार फिर से शपथ लेकर डिप्टी सीएम बनेंगे। उधर प्रदेश कार्य समिति सदस्य सुबोध सिंह, विक्रमाजीत सिंह भदौरिया समेत कई भाजपाइयों ने सोशल मीडिया के माध्यम से शीर्ष नेतृत्व से उन्हें एक बार फिर से डिप्टी सीएम बनाए जाने का आग्रह किया। भाजपा एमएलसी सुरेंद्र चौधरी आदि ने भी शनिवार को डिप्टी सीएम से मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया में साझा की। 

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बघेल ने कहा, केशव के लिए राष्ट्र और पार्टी सर्वोच्च
मोदी सरकार के केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य अगर सैफई परिवार की तरह 17 दिन सिराथू में बिताते तो नि: संदेह वह वहां से भारी मतों से विजयी होते, लेकिन इससे यूपी की बहुत सी विधानसभाओं में पार्टी की स्थिति कमजोर होती। केशव ने राष्ट्र पहले, फिर पार्टी, अंत में स्वयं के सिद्धांत का पालन किया। 

कौशांबी सांसद विनोद सोनकर की पांचों विधानसभा में पिछड़ी भाजपा
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की हार को लेकर चर्चा यही हो रही है कि उन्हें पार्टी की भितरघात भारी पड़ गई। चुनाव प्रचार के दौरान सभी नेताओं ने केशव के साथ मंच जरूर साझा किया, लेकिन अंदर ही अंदर खेल कुछ और चल रहा था। कौशांबी संसदीय सीट से लगातार दो बार सांसद रहे विनोद सोनकर की बात करें तो उनके संसदीय क्षेत्र में आने वाली पांचों विधानसभा में भाजपा को हार मिली। बाबागंज में पार्टी प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहा। यहां उसे 30391 मत मिले। इसी तरह कुंडा में भाजपा प्रत्याशी को महज 8.36 फीसदी मत मिले। चायल में 75609, मंझनपुर में 97628 मत भाजपाव गठबंधन सहयोगियों को  मिले।

प्रयागराज में विजयी भाजपा के छह विधायकों से ज्यादा वोट मिले केशव को
डिप्टी सीएम को सिराथू विधानसभा सीट में 98941 मत मिले। केशव मौर्य जितने वोट पाकर हारे, उससे कम वोट पाकर प्रयागराज की छह सीटों पर भाजपा व गठबंधन से कुछ छह विधायक बन गए। हर्ष बाजपेयी, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, प्रवीण पटेल, गुरु प्रसाद मौर्य, वाचस्पति, पीयूष रंजन निषाद को केशव से कम मत मिले, लेकिन वह विधायक बन गए। सिर्फ सिद्धार्थ नाथ और प्रवीण पटेल के खाते में ही एक लाख से ज्यादा मत आए।



केशव के विधानसभा प्रभारी ने ली हार की जिम्मेदारी 
डिप्टी सीएम केशव मौर्य के विधानसभा प्रभारी अरुण अग्रवाल ने शनिवार को सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी हार की नैतिक जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा कि लोग सिराथू की जनता को दोष न दें। जनता ने भरपूर सहयोग किया। सिराथू विधानसभा का प्रभारी होने की वजह से इस हार की नैतिक जिम्मेदारी मेरी है। मेरा पूरा प्रयास रहा कि मैं अपना सौ फीसदी दूं, फिर भी जाने अनजाने मेरे किसी कृत्य से किसी को आघात पहुंचा हो तो क्षमा चाहता हूं।

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