सपा के प्रदेश अध्यक्ष बोले : भाजपा को देश की सत्ता से बाहर करना ही हमारी नीति, 79 सीटें जीतने जा रहा गठबंधन
लोकसभा चुनाव के बीच प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने और चुनौतियों के बारे में पूछे गए प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में सपा-गठबंधन की लहर है। भाजपा ने देश में नफरत फैलाने, पिछड़ों, अल्पसंख्यक समाज, दलितों के आरक्षण को खत्म करने की साजिश की है।
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सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल का कहना है कि इस बार देश की सत्ता से भाजपा बाहर होने जा रही है। हमारी रणनीति भी भाजपा को देश की सत्ता से बाहर करने की है। मैं खुद प्रयागराज का हूं, इसलिए दावे के साथ कह सकता हूं कि इलाहाबाद, फूलपुर दोनों सीट गठबंधन के खाते में जा रही है। प्रयागराज के दो विधानसभा क्षेत्र पड़ोस की भदोही लोकसभा में है। वह सीट भी गठबंधन प्रत्याशी जीतने जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद तीसरी बार प्रयागराज पहुंचे श्याम लाल पाल ने ये बातें अमर उजाला से साझा कीं।
लोकसभा चुनाव के बीच प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने और चुनौतियों के बारे में पूछे गए प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में सपा-गठबंधन की लहर है। भाजपा ने देश में नफरत फैलाने, पिछड़ों, अल्पसंख्यक समाज, दलितों के आरक्षण को खत्म करने की साजिश की है। भाजपा शासन काल में देश का पैसा लूटकर लोग विदेशों में भाग गए और आज तक वह वापस नहीं लाए जा सके।
नोटबंदी, जीएसटी देश की अर्थव्यवस्था के लिए घातक सिद्ध हुई। प्रदेश अध्यक्ष से पूछा गया कि संगमनगरी का निवासी होने की वजह से क्या इस बात का मानसिक दवाब है कि यहां की दोनों सीटें कैसे जीती जाएं। इस पर उन्होंने कहा कि प्रयागराज में दो नहीं, बल्कि ढाई यानी भदोही लोकसभा क्षेत्र की सीट भी प्रतापपुर एवं हंडिया शामिल है। ये तीनों सीट गठबंधन के प्रत्याशी चुनाव जीत रहे हैं।
फूलपुर-आजमगढ़ में अखिलेश और राहुल की रैली में मची भगदड़ पर उन्होंने कहा कि प्रदेश के नौजवानों में सत्ताधारी दल के खिलाफ आक्रोश है। गठबंधन के नेताओं के प्रति लगाव है। युवा संविधान और लोकतंत्र बचाना चाहते है। आरक्षण के हिसाब से नौकरियां चाहते हैं। चार वर्ष के अग्निवीर की तरह की नौकरियों और पेपरलीक से बचना चाहते हैं। इसलिए युवाओं का हुजूम हमारी सभाओं में उमड़ रहा है।
स्थानीय प्रशासन की लापरवाही, उचित फोर्स की व्यवस्था न होने से समस्या उत्पन्न हुई। यूपी की 80 में से 79 सीट हम जीतने जा रहे हैं। बीच एक सीट में ही लड़ाई है। बसपा के धीमे प्रचार पर उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम मायावती का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है। वह सिद्धांतों से भटक गई हैं। इसी वजह से जनमानस का इनके प्रति मोह और विश्वास खत्म हो गया है।