Prayagraj Police : स्निफर डॉग व घोड़े को भी कूलर और पंखों का सहारा, गर्मी से हो रहा बुरा हाल
पुलिस लाइन स्थित श्वान दस्ते में चार स्निफर राजा, बोस, सम्राट और जेमिनी डाॅग्स हैं। ये डाॅग्स लेब्रा, जर्मन शेफर्ड और डाबरमैन ब्रीड के ट्रैकर व एक्सप्लोसिव हैं। इन स्निफर डाॅग्स की हत्या, चोरी समेत संगीन अपराधों में अपराधियों को पकड़वाने में महत्वपूर्ण भूमिका हाेती है।
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बेजुबान जानवर भी प्रचंड गर्मी बेहाल हैं। पिछले एक हफ्ते से शहर में भीषण गर्मी पड़ रही है। बुधवार को पारा 48.8 डिग्री तक पहुंच गया। पुलिस विभाग की तरफ से इन जानवरों को सूरज की तपिश से निजात दिलाने के लिए पंखे से लेकर कूलर की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही इनको ठंडे पानी से रोजाना नहलाया जाता है, ताकि गर्मी से इनकाे बचाया जा सके।
पुलिस लाइन स्थित श्वान दस्ते में चार स्निफर राजा, बोस, सम्राट और जेमिनी डाॅग्स हैं। ये डाॅग्स लेब्रा, जर्मन शेफर्ड और डाबरमैन ब्रीड के ट्रैकर व एक्सप्लोसिव हैं। इन स्निफर डाॅग्स की हत्या, चोरी समेत संगीन अपराधों में अपराधियों को पकड़वाने में महत्वपूर्ण भूमिका हाेती है। इनके आराम के लिए पुलिस लाइन में अलग-अलग चार बाड़े बनाए गए हैं।
प्रचंड गर्मी होने के कारण यहां हरेक बाड़े में एक कूलर के साथ-साथ पंखे की भी व्यवस्था की गई है। इन डाॅग्स की देखरेख करने वाले ने बताया कि अत्याधिक गर्मी के कारण कूलर पंखे लगाए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, इन डाॅग्स का डाइट चार्ट भी बनाया गया है। जिनमें डाॅग्स को अंडा, मीट, रोटी, सब्जी, दलिया से लेकर खाने के लिए अन्य सामग्री दी जाती है।
दस साल बाद होने लगते हैं बूढ़े
इन स्निफर डाॅग्स को प्रयागराज के अलावा फतेहपुर, प्रतापगढ़ और काैशाम्बी जनपद में होने वाले संगीन अपराधों में भी इनको घटनास्थल पर ले जाया जाता है। बता दें कि यह डाॅग्स दस से बारह सालों तक बूढ़े होने लगते हैं। यह बात भी सामने आई कि जल्द ही प्रयागराज पुलिस विभाग में और भी स्निफर डाॅग्स शामिल हो सकते हैं।
स्निफर की इतनी डाइट
अंडा---------दो
दूध---------600 ग्राम
मीट---------500 ग्राम
सब्जी--------250 ग्राम
दलिया-------500 ग्राम
रोटी---------500 ग्राम
पुलिस के अस्तबल में 19 घोड़े
पुलिस विभाग के अस्तबल में दामिनी, उर्बी, रणबीर समेत 19 घोड़े शामिल है। इन सबकी अपनी-अपनी खूबी है। यहां भी गर्मी से बचाव के लिए हरेक बाड़े में एक-एक पंखे लगाए गए हैं। इसके अलावा पूरे अस्तबल में पांच से छह कूलर की व्यवस्था की गई है। पता चला कि दिन में दो बार अस्तबल की पानी से धुलाई की जा रही है। जिससे अस्तबल ठंडा बने रहे। इसके साथ ही बाड़ो में बोरियों के पर्दे लगाए गए हैं। रोजाना इन घोड़ों को ठंडे पानी से नहलाया जाता है।
3.75 लाख का एक घोड़ा
हाल ही प्रशिक्षण के बाद पुलिस विभाग के अस्तबल में सात नये घोड़ों को शामिल किया गया है। जिनमें हरेक घोड़ों की कीमत 3.75 लाख रुपये है। इनकी खासियत है कि यह घोड़े अन्य के मुकाबले युवा हैं। ऐसे में लंबे समय तक यह विभाग में शामिल रहेंगे। यह घोड़े करीब बीस वर्ष तक सेवा में बने रहेंगे।