स्लाट बुकिंग में छूटा पसीना, ग्रामीण सीएचसी के मुकाबले शहरी सेंटर जल्दी हुए फुल
- डेढ़ बजे के बाद शुरू हुई बुकिंग, बहुत से लोगों को मिली मायूसी, अब हफ्ते भर का करना होगा इंतजार
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टीकाकरण के लिए स्लाट बुकिंग कराने में रविवार को लोगों का पसीना छूट गया। किसी को पोर्टल पर टीकाकरण सेंटर नहीं मिला तो किसी से पोर्टल ही नहीं खुला। पोर्टल पर स्लॉट बुकिंग तकरीबन डेढ़ बजे के बाद शुरू हुई। ग्रामीण इलाकों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को छोड़कर शहर के टीकाकरण सेंटर घंटे भर के अंदर ही फुल हो गए। इससे हफ्ते भर से स्लाट बुकिंग का इंतजार करने वाले बहुत से लोगों को मायूसी हुई। अब उन्हें हफ्ते भर का इंतजार करना पड़ेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने इस बार 18 से 44 वर्ष की आयु वाले लोगों को टीका लगाने के लिए सेंटर बढ़ा दिए हैं। इसके साथ ही टीके की 48 हजार डोज मंगाई हैं। टीका लगाने के लिए लोगों को रजिस्ट्रेशन के साथ स्लाट बुक कराना अनिवार्य है। रविवार को स्लाट बुक होना था। इसके लिए लोग सुबह से ही अपने मोबाइल, लैपटॉप और डेस्कटॉप लेकर बैठे रहे, लेकिन दोपहर तक तो वैक्सीनेशन सेंटर का ऑप्शन आया ही नहीं। इससे लोग परेशान हो गए और इसकी शिकायत सोशल मीडिया के जरिए सीएमओ सहित जिला प्रशासन के अफसरों से की गई।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एसीएमओ डॉ. तीरथ लाल ने बताया कि स्लॉट बुकिंग सेंट्रल सरवर से जुड़ी हुई है। स्थानीय स्तर पर कुछ नहीं किया जा सकता है। उधर, बहुत से लोग अपने मोबाइल, लैपटॉप पर नजर गड़ाए रहे। दोपहर तकरीबन एक बजे के बाद स्लाट बुकिंग का ऑप्शन आने लगा। आनन-फानन लोगों ने अपने लिए स्लाट बुक कर लिया। शहर के सभी टीकाकरण सेंटर घंटे भर के अंदर बुक हो गए, जबकि ग्रामीण इलाकों के टीकाकरण केंद्रों पर देर शाम तक बुकिंग होती रही। ग्रामीण इलाकों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर संचालित टीकाकरण सेंटर शुरूआत के पहले तीन दिन तो पूरी तरह से बुक हो गए. जबकि शेष तीन दिनों के लिए बुकिंग देर शाम तक चलती रही। हालांकि, 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों को दिक्कत नहीं हुई। उसके लिए आसानी से स्लॉट उपलब्ध रहेगा।