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Prayagraj : साइबर हमलावरों के खातों में ठगी के साढ़े छह करोड़ रुपये फ्रीज, रकम निकलवाने का प्रयास कर रही पुलिस

Sat, 19 Oct 2024 05:38 PM IST
विनोद सिंह अमित गुप्ता, अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमित गुप्ता, अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 19 Oct 2024 05:38 PM IST
सार

साइबर पुलिस की जांच में सामने आया कि शहर क्षेत्र के रहने लोगों के लगभग छह करोड़ रुपये ठगों के बैंक खातों में हैं। इसके अलावा पचास के करीब गंगापार और यमुनापार के लोगों के फंंसे हैं।

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Six and a half crore rupees of fraud in the accounts of cyber attackers are frozen
Prayagraj - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

झारखंड से लेकर राजस्थान, पंजाब, हरियाणा तक साइबर अपराधियों के 1500 से अधिक खातों को साइबर सेल पुलिस चिह्नित कर फ्रीज चुकी है। इन खातों में जिले के लोगों से हुई ठगी के 6.50 करोड़ रुपये फंसे हैं। पुलिस लोगों की फंसी रकम को बैंक के माध्यम से निकलवाने के लिए प्रयास कर रही है।

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जनवरी 2024 से लेकर 15 अक्तूबर तक साइबर सेल में ऐसी तीन हजार से अधिक शिकायतें आ चुकी हैं। जालसाजों ने नौकरी लगवाना, ऑनलाइन शॉपिंग करना, निवेश, लोन, डिजिटल अरेस्ट, टावर लगवाना, कोचिंग के नाम पर, वीडियो शेयर और लाइक करना, बुकिंग, आदि का लालच देकर किसी से हजारों तो किसी से लाखों रुपये की ठगी की है। शिकायत के बाद साइबर सेल पुलिस ठगों के बैंक खातों की पहचान कर उसे फ्रीज करवा देती है। ताकि पीड़ितों को ठगी के रकम को वापस दिलवाया जा सके। आंकड़े बताते हैं कि साइबर पुलिस ने 1500 से अधिक बैंक खातों को फ्रीज करवाया है।

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छह करोड़ रुपये सिर्फ शहरवासियों के

साइबर पुलिस की जांच में सामने आया कि शहर क्षेत्र के रहने लोगों के लगभग छह करोड़ रुपये ठगों के बैंक खातों में हैं। इसके अलावा पचास के करीब गंगापार और यमुनापार के लोगों के फंंसे हैं। अपने पैसों की वापसी के लिए आए दिन पीड़ित साइबर सेल में चक्कर काटते रहते हैं। ताकि उनको अपना पैसा वापस मिल सके। साइबर सेल पुलिस अफसरों का कहना है कि पैसा दिलाने के लिए पूरा प्रयास किया जाता है।

फर्जी पते या फिर खरीदे हुए होते हैं खाते

साइबर पुलिस की जांच में सामने आया कि ठगों सिर्फ उन्हीं बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं, जिनका रिकार्ड मिलना मुश्किल हो जाता है। क्योंकि, नाम पता सामने आने पर पता चलता है कि फर्जी दस्तावेजों से खाता खुलवाया गया है। या फिर गरीब तबके के लोगों को पैसा देने का लालच देकर बैंक खाते खरीदे हुए होते हैं। इन खातों को फ्रीज कराने के अलावा कोई दूसरी ऑप्शन नहीं होता है।

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इन राज्यों से जुड़े तार

जांच में पता चला है कि अधिकतर बैंक खाते झारखंड, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बंगाल, महाराष्ट्र, ओडिशा, हरियाणा, तेलंगाना, हैदराबाद, दिल्ली के होते हैं। अधिकतर ठग जालसाजी करने के बाद फौरन पैसा निकाल लेते हैं। लेकिन, कई बार वक्त से शिकायत मिलने पर फौरन खाते को फ्रीज करवा दिया जाता है। ताकि पीड़ित का पैसा सुरक्षित रहे।

ऐसे फ्रीज करती है पुलिस बैंक खाता

ठगी के बाद खाते में जाने वाले पैसों को साइबर पुलिस निगरानी करती है। जैसे ही दूसरे खाते में पैसा गया तो उसे भी बैंक के माध्यम से फ्रीज करवा देती है। अगर लंबे समय से पैसा अगर खाते से नहीं निकाला जाता है तो साइबर पुलिस कोर्ट में केस फाइल करती है। यहां से बैंक को आदेश जारी होने पर पीड़ित के ठगी का रकम वापस कराया जाता है। लेकिन, अगर ठगी के बाद तुरंत पैसा निकाले गए हैं तो पुलिस ठगों के पकड़े जाने के बाद ही पैसा वापस करा सकती है।

आप न हो ठगी के शिकार

मोबाइल पर आए अंजान लिंक पर क्लिक न करें
पैसा कमाने का लालच देने वाले से दूर रहे
सस्ते ऑनलाइन शॉपिंग करने से बचना चाहिए
ऑनलाइन नौकरी लेने से पहले अच्छी तरह जांच करें
वीडियो शेयर और लाइक करने वाले मैसेज से दूर रहे

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