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Prayagraj : आश्रम पद्धति विद्यालय में अनियमितता की जांच के लिए पहुंची एसआईटी
Mon, 10 Oct 2022 11:21 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 10 Oct 2022 11:21 PM IST
सार
सदस्यों ने दो से चार मई के बीच विद्यालयों में जाकर पूछताछ की थी। साथ ही दस्तावेजों की जांच की थी। सदस्यों ने पाया कि अनुदान संख्या 80 और 83 के अंतर्गत आवंटित समान एवं वितरण में गड़बड़ी हुई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
समाज कल्याण विभाग की ओर संचालित आश्रम पद्धति विद्यालयों में हुई अनियमितता की जांच एसआईटी शुरू कर दी है। तीन सदस्यीय टीम सोमवार शाम को प्रयागराज पहुंच गई। मंगलवार से पूछताछ किए जाने की उम्मीद है। जिले में करछना, कौड़िहार, शंकरगढ़ और कोरांव में आश्रम पद्धति विद्यालय हैं। वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2022-23 के दौरान इनमें वित्तीय अनियमितता की शिकायत हुई थी। शासन की ओर से मई में अलख निरंजन मिश्र की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी।
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सदस्यों ने दो से चार मई के बीच विद्यालयों में जाकर पूछताछ की थी। साथ ही दस्तावेजों की जांच की थी। सदस्यों ने पाया कि अनुदान संख्या 80 और 83 के अंतर्गत आवंटित समान एवं वितरण में गड़बड़ी हुई है। गुणवत्ता से भी समझौता किया गया है। सदस्यों ने विभिन्न योजनाओं के तहत हुए भुगतान की बाबत मांग पत्र तथा वर्क ऑर्डर की भी मांग की लेकिन अफसर आधे-अधूरे कागजात ही उपलब्ध करा सके। 20 हजार से एक लाख रुपये के कई भुगतान थे जिनका मांगपत्र एवं वर्कऑर्डर से संबंधित दस्तावेज नहीं थे।
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कौड़िहार आश्रम पद्धति विद्यालय परिसर में मिट्टी डलवाने के एवज में ही दो लाख 81 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया। अफसर इसका मांगपत्र और वर्कऑर्डर भी उपलब्ध नहीं करा सके। इसी तरह से प्रक्रिया पूरी किए बगैर मोबाइल की भी खरीद की गई थी। इस तरह की शिकायतें अन्य विद्यालयों में भी रही। कमेटी ने बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता की आशंका जताते हुए मई के पहले सप्ताह में ही रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जांच पूरी नहीं हो पाई थी लेकिन करोड़ों रुपये की अनियमितता को देखते हुए शासन ने एसआईटी बैठा दी। इसी क्रम में एसआईटी की टीम सोमवार को प्रयागराज पहुंच गई।
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