Umesh Pal Case : शूटर विजय चौधरी उर्फ उस्मान के एनकाउंटर की जांच करने पहुंची SIT, मुठभेड़ स्थल का लिया जायजा
विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह रहे उमेश पाल को 24 फरवरी 2023 को उनके घर में घुसकर गोलियों से भून दिया गया था। अतीक अहमद का बेटा असद समेत छह शूटर गोली और बम मारते हुए सीसीटीवी में दिखे थे। छह मार्च 2023 को उस्मान उर्फ विजय चौधरी को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया था।
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उमेश पाल हत्याकांड के शूटर विजय चौधरी उर्फ उस्मान के एनकाउंटर की जांच करने के लिए गठित एसआईटी की टीम सोमवार को कौंधियारा स्थित मुठभेड़ स्थल पर पहुंची। एसआईटी टीम ने गोती गांव स्थित पुलिया के पास पहुंचकर मुठभेड़ स्थल का जायजा लिया और मामले की छानबीन की।
एसआटी टीम में कई अधिकारी शामिल रहे। टीम के आने की सूचना पर स्थानीय पुलिस पहले ही घटना स्थल पर पहुंच गई थी। मौके पर पुलिस फोर्स के साथ ही पीएसी के जवानों को लगाया गया था। दोपहर बाद टीम ने पहुंचकर छानबीन की और मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। घटनास्थल पर किसी को जाने की अनुमति नहीं दी गई। मुठभेड़ के स्थान को चारों तरफ से घेर कर पुलिस और पीएसी का पहरा लगा दिया गया था।
24 फरवरी को की गई थी उमेश पाल की हत्या
विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह रहे उमेश पाल को 24 फरवरी 2023 को उनके घर में घुसकर गोलियों से भून दिया गया था। अतीक अहमद का बेटा असद समेत छह शूटर गोली और बम मारते हुए सीसीटीवी में दिखे थे। अगले दिन उमेश की पत्नी ने अतीक, अशरफ, शाइस्ता, अतीक के बेटे, गुड्डू मुस्लिम, उस्मान समेत अतीक के कई अज्ञात गुर्गों और सहयोगियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने घटना के चार दिन बाद एनकाउंटर में अरबाज को मार गिराया। छह मार्च को उस्मान उर्फ विजय को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया था। मुठभेड़ की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
उस्मान ने चलाई थी उमेश पाल पर पहली गोली
योजना के मुताबिक विजय चौधरी उर्फ उस्मान ने उमेश पाल पर पहली गोली चलाई थी। अतीक गैंग ने उमेश की हत्या के पहले जो प्लानिंग की थी, उसके तहत उस्मान चौधरी को पहली गोली फायर करनी थी। योजना के मुताबिक उस्मान ने क्रेटा से उतरते ही उमेश पाल पर फायर झोंक दिया। जब तक उमेश और उनके अंगरक्षक कुछ समझ पाते तब तक शूटर गुलाम हसन और अतीक के तीसरे नंबर का बेटा असद मौके पर पहुंच कर फायर झोंकने लगे। साथ ही गुड्डू मुस्लिम बम मारकर दहशत पैदा करने लगा। गोलियों और बम की बौछार की चपेट में आने से उमेश समेत उनके दोनों गनर मारे गए। इस घटना से प्रदेश में भूचाल आ गया था।