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हाईकोर्ट : एकल पीठ का अंतरिम आदेश उसके विवेकाधिकार का हिस्सा, सिर्फ असहमति पर चुनौती नहीं दे सकते

Thu, 03 Sep 2026 03:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 03 Sep 2026 03:46 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए एकल पीठ की ओर से अंतरिम आदेश पारित करना उसके न्यायिक विवेकाधिकार का हिस्सा है। केवल इसलिए कि अंतरिम आदेश किसी पक्ष के अनुकूल नहीं है, उसके खिलाफ सवाल नहीं उठाया जा सकता।

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single judge interim order is a matter of judicial discretion; it cannot be challenged merely on grounds of
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए एकल पीठ की ओर से अंतरिम आदेश पारित करना उसके न्यायिक विवेकाधिकार का हिस्सा है। केवल इसलिए कि अंतरिम आदेश किसी पक्ष के अनुकूल नहीं है, उसके खिलाफ सवाल नहीं उठाया जा सकता। कोर्ट ने इस आधार पर एकल पीठ के आदेशों में हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया।

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यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने कमेटी ऑफ मैनेजमेंट, अंजुमन इशाअत-ए-तालीम मुसलमानान-ए-बदायूं की विशेष अपील पर दिया। याचियों ने एकल पीठ में फर्म, सोसाइटी और चिट विभाग के सहायक रजिस्ट्रार की ओर से 30 मई 2026 को पारित आदेश को रद्द करने की मांग में याचिका दायर की थी। एकल पीठ ने 15 जुलाई 2026 को आदेश दिया था कि सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से की गई कोई भी कार्यवाही इस याचिका के परिणाम के अधीन रहेगी। साथ ही 29 जुलाई 2026 को सुनवाई स्थगित करने के आदेश के खिलाफ याचियों ने विशेष अपील दायर कर चुनौती दी थी।
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अपीलकर्ताओं ने कहा था कि 29 जुलाई को मामले की सुनवाई स्थगित करने का आदेश उनके अधिवक्ता के अनुरोध पर नहीं हुआ था। हालांकि, खंडपीठ ने आदेश पत्र का हवाला दिया। कहा कि उसमें स्पष्ट रूप से स्थगन अधिवक्ता के अनुरोध पर होने की बात दर्ज है। इस तथ्य को बाद में हलफनामे के जरिये विवादित नहीं किया जा सकता। इसके लिए संबंधित पक्ष को उसी अदालत के समक्ष आपत्ति उठानी होगी। खंडपीठ ने दोनों आदेशों में हस्तक्षेप से इन्कार करते हुए विशेष अपील का निस्तारण कर दिया। स्टे अर्जी पर सुनवाई के लिए अपीलकर्ताओं को एकल पीठ के समक्ष ही अनुरोध करने के लिए कहा। 

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