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सिद्धार्थनाथ सिंह बोले : राहुल के परनाना ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगाया था प्रतिबंध
Thu, 12 May 2022 10:51 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 12 May 2022 10:51 PM IST
सार
राजापुर स्थित अपने आवास पर संवाददाताओं से बात कर रहे सिद्धार्थ नाथ ने कहा कि राहुल गांधी की दादी एवं पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की सरकार ने 1974 में धारा 124 के तहत इसे एक संज्ञेय अपराध की श्रेणी में डाल दिया था। उन्होंने प्रावधान किया कि बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकते हैं।
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Prayagraj News : सिद्धार्थनाथ सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री।
- फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सांसद राहुल गांधी द्वारा देश द्रोह कानून पर दिए गए बयान पर पलटवार किया। सिद्धार्थ नाथ ने कहा कि राहुल गांधी पहले देशद्रोह कानून के तथ्यों को पता कर लें। उन्हें यह मालूम होना चाहिए कि उनके परनाना जवाहर लाल नेहरू की सरकार ने 1951 में आर्टिकल 19(1)(ए) के तहत सदन में संशोधन करके अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया था।
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राजापुर स्थित अपने आवास पर संवाददाताओं से बात कर रहे सिद्धार्थ नाथ ने कहा कि राहुल गांधी की दादी एवं पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की सरकार ने 1974 में धारा 124 के तहत इसे एक संज्ञेय अपराध की श्रेणी में डाल दिया था। उन्होंने प्रावधान किया कि बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकते हैं।
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राहुल गांधी को अगर याद न हो तो वह यह भी याद कर लें कि इंदिरा गांधी ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर देश में इमरजेंसी लगाई थी। अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक उन्हीं के परिवार द्वारा लगाई गई थी। मोदी सरकार में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मिली है। ये मोदी सरकार है जो अपने संबोधन में फ्रीडम ऑफ स्पीच पर बोलते रहे हैं।
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