{"_id":"6195445da7c4df73f6062ae4","slug":"shuats-accused-got-conditional-bail-from-high-court-in-money-laundering-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"शुआट्स : मनी लांड्रिंग केस में आरोपी को हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शुआट्स : मनी लांड्रिंग केस में आरोपी को हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत
Thu, 18 Nov 2021 12:15 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 18 Nov 2021 12:15 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक्सिस बैंक, सिविल लाइंस में जनसंपर्क प्रबंधक रहे कमाल अहसान की जमानत मंजूर कर ली है। कमल शुआट्स के खाते से 22.39 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर मनी लांड्रिंग के आरोप में ईडी द्वारा गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट कहा है कि याची लगभग सवा दो साल तक जेल में रहा है और कैंसर सहित कई जानलेवा बीमारी से ग्रस्त है। ऐसे में जमानत पर रिहा होने का हकदार है। कोर्ट ने 25 लाख के मुचलके व दो प्रतिभूतियों पर रिहा करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने दिया है।
विज्ञापन
इससे पहले कोर्ट ने कमला नेहरू अस्पताल प्रयागराज से याची की स्कैनिंग कर कैंसर की स्थिति की रिपोर्ट मांगी थी। केंद्रीय कारागार नैनी के वरिष्ठ अधीक्षक ने अस्पताल की रिपोर्ट दाखिल की है। याची का जनवरी 20 में आपरेशन हुआ था। रूटीन चेकअप किया जा रहा है।
विज्ञापन
मालूम हो कि याची के खिलाफ बैक की तरफ से 1 मार्च 13 की घटना की शिकायत की गई। एकाउंटेंट राजेश कुमार की मिलीभगत से घपला करने का आरोप लगाया गया। जांच के बाद एफआईआर दर्ज कराई गई। इस मामले में 13अगस्त 18 को याची जमानत पर रिहा हुआ। 11 सितंबर17 को मनी लांड्रिंग केस की एफआईआर पर 10 नवंबर 20 को दुबारा गिरफ्तार कर लिया गया। तब से जेल में बंद है। ईडी ने याची सहित सैयद यावर हुसैन, जमाल अशरफ व राजेश कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
विज्ञापन
याची के वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी का कहना था कि तीन से सात साल की सजा हो सकती है। जानलेवा बीमारी कैंसर से पीड़ित हैं। 6 करोड बरामद हो चुके हैं। ईडी के अधिवक्ता बाल मुकुंद सिंह व सीबीआई के अधिवक्ता संजय यादव का कहना था कि जेल में अच्छी देखभाल हो रही है। करोड़ों रुपये का घपला किया है। जमानत पाने का हकदार नहीं हैं। कोर्ट ने शर्तों के साथ जमानत मंजूर कर ली है।