Shri Krishna Janmbhoomi : श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में राधारानी को पक्षकार बनाने की अर्जी हाईकोर्ट ने की खारिज
श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद मामले में राधारानी को पक्षकार बनाने की अर्जी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। इसके बाद अब रुक्मणि को पक्षकार बनाने के लिए अदालत में नई अर्जी दी गई है।
विस्तार
लाहाबाद हाईकोर्ट में श्रीकृष्ण जन्मभूमि व शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में शुक्रवार को ईदगाह को विवादित ढांचा घोषित करने को लेकर दाखिल याचिका पर पक्षकारों की बहस पूरी हो गई। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। मामले की सुनवाई चार जुलाई को होगी। न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्र की एकलपीठ ने यह आदेश दिया।
हिंदू पक्ष की दलील
हिंदू पक्षकार अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने पांच मार्च 2025 को मथुरा स्थित शाही ईदगाह मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने की मांग कर प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। हाईकोर्ट में उन्होंने दलील दी कि मासरे आलम गिरी से लेकर मथुरा के कलेक्टर रहे एफएस ग्राउस तक के समय में लिखी गई इतिहास की पुस्तकों में ईदगाह का जिक्र नहीं है। उस स्थान पर मस्जिद होने का कोई साक्ष्य आजतक शाही ईदगाह मस्जिद पक्ष ने कोर्ट में पेश नहीं किया है।
खसरा/खतौनी और नगर निगम के दस्तावेजों में ईदगाह का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। ईदगाह के नाम से बिजली कनेक्शन तक नहीं है। चोरी से बिजली जलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। कहा, कोर्ट ने अयोध्या मामले में बाबरी मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित किया था। इसलिए मस्जिद को भी विवादित ढांचा घोषित किया जाना चाहिए। महेंद्र प्रताप सिंह की दलीलों का अन्य हिंदू पक्षकारों ने भी न्यायालय में समर्थन किया।
मुस्लिम पक्ष की दलील
मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता तस्नीम अहमदी, तनवरी अहमद, नसीरउज्जमा ने दलील दी कि वादी ने अपने शूट और हलफनामा में स्वयं शाही ईदगाह मस्जिद लिखा है। 1920 के एएसआई की अधिसूचना में भी शाही ईदगाह मस्जिद अंकित है। साथ ही यह वक्फ संपत्ति है। विवादित ढांचा घोषित करने के लिए अलग से नया वाद दायर करना चाहिए। ऐसे में यह प्रार्थना पत्र पोषणीय नहीं है। इसे रद्द किया जाना चाहिए।
रुक्मिणी पहुंचीं कोर्ट, राधारानी की अर्जी खारिज
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में राधारानी को पक्षकार बनाने को लेकर दाखिल प्रार्थना पत्र को कोर्ट ने खारिज कर दिया। वहीं, शूट नंबर सात में कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर की याचिका में वादमित्र नीतू सिंह चौहान हरसरु ने श्रीकृष्ण की पत्नी महारानी रुक्मिणी को पक्षकार बनाने के लिए आवेदन दाखिल किया है। उनका कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण की धर्मपत्नी अपने पति की विरासत को बचाने के लिए इस कानूनी प्रक्रिया की हकदार हैं। ऐसे में उन्हें पक्षकार बनाया जाना चाहिए।