{"_id":"5d1d00d88ebc3e3c692869e2","slug":"shivgopal-given-threat-to-gov-raising-labour-issues-city-news-ald2484779168","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार पलटी तो होगा चक्का जाम: शिवगोपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार पलटी तो होगा चक्का जाम: शिवगोपाल
विज्ञापन
Allahabad Railway
- फोटो : AU
सरकार वादे से पलटी तो होगा चक्काजाम : शिव गोपाल
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के महामंत्री शिवगोपाल मिश्र ने रेलवे के निजीकरण एवं निगमीकरण मामले पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार रेलवे के तमाम उपक्रमों को निजी हाथों में देने की योजना बना रही है। इस संबंध में फेडरेशन की आपत्ति पर चेयरमैन रेलवे बोर्ड (सीआरबी) ने आश्वासन दिया है कि बिना रेलवे यूनियन की सहमति के निजीकरण और निगमीकरण का काम नहीं होगा। शिवगोपाल ने कहा कि अगर रेल मंत्रालय अपने इस वादे से पलटा तो हमारे पास सिवाय चक्काजाम के और कोई विकल्प नहीं रहेगा।
उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) प्रशासन की स्थाई वार्ता तंत्र (पीएनएम) की बैठक में शिरकत करने से पूर्व नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के केंद्रीय कार्यालय में शिवगोपाल संवाददाताओं से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि फेडरेशन ने हमेशा निजीकरण का विरोध किया है। इसी वजह से छह जुलाई को सभी जोनल रेलवे में कर्मचारी अपने हाथ में काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं। कहा कि रेलवे ने सौ दिन की जो कार्ययोजना बनाई है उसमें रेलवे की तमाम उत्पादन इकाई जैसे आईसीएफ चेन्नई, रेल कोच फैक्टरी रायबरेली, कपूरथला आदि को निजी हाथ में देने की बात सामने आई है। फेडरेशन की आपत्ति के बाद मंगलवार दो जुलाई को ही सीआरबी ने आश्वस्त किया है कि वह ऐसा कुछ नहीं करने जा रहे हैं। निगमीकरण तभी होगा जब रेलकर्मी और फेडरेशन चाहेगा। शिवगोपाल ने कहा कि सीआरबी के इस निर्णय का फेडरेशन स्वागत करती है। शिवगोपाल ने दोहराया अगर रेल मंत्रालय अपने इस वादे से पलटा तो संसद के शीतकालीन सत्र में अन्य केंद्रीय और राज्यों की ट्रेड यूनियनें एक साथ प्रदर्शन करेंगी। इस दौरान रेल चक्काजाम भी किया जाएगा।
पीएनएम में उठा एनसीआर के रिक्त पदों का मामला
प्रयागराज। एनसीआर मुख्यालय में जीएम राजीव चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मेंस यूनियन जोन में रिक्त पड़े 15, 500 पदों का मामला जोर शोर से उठाया। शिवगोपाल मिश्र की मौजूदगी में मेंस यूनियन के महामंत्री आरडी यादव ने कहा कि कहा कि जोन में स्टेशन मास्टर के भी 38 प्रतिशत पद रिक्त हैं। 150 ड्राइवरों को अनफिट घोषित कर दिया गया है। अस्पताल में चिकित्सकों की भी कमी है। इस दौरान जीएम एनसीआर ने जोन की तमाम उपलब्धियां यूनियन नेताओं को गिनाईं। कहा कि कर्मचारियों की जो समस्याएं हैं उनका निदान किया जाएगा।
विज्ञापन
शिवगोपाल की पत्नी, पुत्र और पौत्री के लिए रखा गया मौन
पिछले दिनों मध्य प्रदेश में हुए एक सड़क हादसे में एआईआरएफ महामंत्री शिवगोपाल मिश्र की पत्नी प्रभा देवी और उनके पुत्र और पौत्री की जान चली गई थी। इस हादसे के बाद पहली बार शिवगोपाल मिश्र बुधवार की सुबह प्रयागराज पहुंचे। पीएनएम बैठक शुरू होने के पूर्व उन्हें जीएम एनसीआर और अन्य अफसरों ने सांत्वना दी। इस दौरान अफसरों और मेंस यूनियन के पदाधिकारियों ने दो मिनट का मौन भी रखा। जोनल महामंत्री आरडी यादव ने कहा कि इतने बड़े हादसे के बाद भी शिवगोपाल मिश्र अपने दुख भूलकर रेलकर्मियों के हितों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
विज्ञापन
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के महामंत्री शिवगोपाल मिश्र ने रेलवे के निजीकरण एवं निगमीकरण मामले पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार रेलवे के तमाम उपक्रमों को निजी हाथों में देने की योजना बना रही है। इस संबंध में फेडरेशन की आपत्ति पर चेयरमैन रेलवे बोर्ड (सीआरबी) ने आश्वासन दिया है कि बिना रेलवे यूनियन की सहमति के निजीकरण और निगमीकरण का काम नहीं होगा। शिवगोपाल ने कहा कि अगर रेल मंत्रालय अपने इस वादे से पलटा तो हमारे पास सिवाय चक्काजाम के और कोई विकल्प नहीं रहेगा।
उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) प्रशासन की स्थाई वार्ता तंत्र (पीएनएम) की बैठक में शिरकत करने से पूर्व नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के केंद्रीय कार्यालय में शिवगोपाल संवाददाताओं से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि फेडरेशन ने हमेशा निजीकरण का विरोध किया है। इसी वजह से छह जुलाई को सभी जोनल रेलवे में कर्मचारी अपने हाथ में काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं। कहा कि रेलवे ने सौ दिन की जो कार्ययोजना बनाई है उसमें रेलवे की तमाम उत्पादन इकाई जैसे आईसीएफ चेन्नई, रेल कोच फैक्टरी रायबरेली, कपूरथला आदि को निजी हाथ में देने की बात सामने आई है। फेडरेशन की आपत्ति के बाद मंगलवार दो जुलाई को ही सीआरबी ने आश्वस्त किया है कि वह ऐसा कुछ नहीं करने जा रहे हैं। निगमीकरण तभी होगा जब रेलकर्मी और फेडरेशन चाहेगा। शिवगोपाल ने कहा कि सीआरबी के इस निर्णय का फेडरेशन स्वागत करती है। शिवगोपाल ने दोहराया अगर रेल मंत्रालय अपने इस वादे से पलटा तो संसद के शीतकालीन सत्र में अन्य केंद्रीय और राज्यों की ट्रेड यूनियनें एक साथ प्रदर्शन करेंगी। इस दौरान रेल चक्काजाम भी किया जाएगा।
विज्ञापन
पीएनएम में उठा एनसीआर के रिक्त पदों का मामला
प्रयागराज। एनसीआर मुख्यालय में जीएम राजीव चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मेंस यूनियन जोन में रिक्त पड़े 15, 500 पदों का मामला जोर शोर से उठाया। शिवगोपाल मिश्र की मौजूदगी में मेंस यूनियन के महामंत्री आरडी यादव ने कहा कि कहा कि जोन में स्टेशन मास्टर के भी 38 प्रतिशत पद रिक्त हैं। 150 ड्राइवरों को अनफिट घोषित कर दिया गया है। अस्पताल में चिकित्सकों की भी कमी है। इस दौरान जीएम एनसीआर ने जोन की तमाम उपलब्धियां यूनियन नेताओं को गिनाईं। कहा कि कर्मचारियों की जो समस्याएं हैं उनका निदान किया जाएगा।
विज्ञापन
शिवगोपाल की पत्नी, पुत्र और पौत्री के लिए रखा गया मौन
पिछले दिनों मध्य प्रदेश में हुए एक सड़क हादसे में एआईआरएफ महामंत्री शिवगोपाल मिश्र की पत्नी प्रभा देवी और उनके पुत्र और पौत्री की जान चली गई थी। इस हादसे के बाद पहली बार शिवगोपाल मिश्र बुधवार की सुबह प्रयागराज पहुंचे। पीएनएम बैठक शुरू होने के पूर्व उन्हें जीएम एनसीआर और अन्य अफसरों ने सांत्वना दी। इस दौरान अफसरों और मेंस यूनियन के पदाधिकारियों ने दो मिनट का मौन भी रखा। जोनल महामंत्री आरडी यादव ने कहा कि इतने बड़े हादसे के बाद भी शिवगोपाल मिश्र अपने दुख भूलकर रेलकर्मियों के हितों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।