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Prayagraj News: घर की रसोई से चमक रहे बाल और त्वचा
Mon, 21 Sep 2026 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Mon, 21 Sep 2026 02:16 AM IST
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प्राकृतिक चीजों से तैयार उत्पादों को दिखातीं शुभि रस्तोगी। स्रोत : स्वयं
बाजार में मिलने वाले हेयर केयर प्रोडक्ट से फायदा नहीं मिला तो दारागंज निवासी शुभि रस्तोगी ने घर में मौजूद प्राकृतिक चीजों से शैंपू और हेयर ऑयल तैयार करना शुरू किया। अब वह प्राकृतिक और आयुर्वेदिक सामग्री से साबुन, शैंपू, हेयर ऑयल तैयार कर रही हैं।
शुभि आंवला-रीठा शैंपू 20 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से तैयार करती हैं। इसमें आंवला, रीठा, शिकाकाई और गुड़हल जैसी चीजों का इस्तेमाल करती हैं। हेयर ऑयल में प्याज, रोजमेरी, आंवला, भृंगराज, मेथी और कलौंजी शामिल करती हैं।
मुल्तानी मिट्टी, डी-टैन, नीम और चारकोल वाले साबुन तैयार करती हैं। बच्चों के लिए कार, डोनट, आइसक्रीम और कार्टून कैरेक्टर के आकार के साबुन भी बनाती हैं। खास बात कि शुभि घर में भगवान को चढ़ाए गए फूलों को सुखाकर उसका पाउडर भी साबुन बनाने में इस्तेमाल करती हैं।
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इंस्टाग्राम उनके कारोबार का प्रमुख माध्यम है। वीडियो के जरिये उत्पाद बनाने की प्रक्रिया साझा करने पर प्रयागराज के अलावा दिल्ली, मेरठ और लखनऊ से भी ऑर्डर मिलते हैं। शुभि के अनुसार ऑर्डर के आधार पर न्यूनतम करीब 10 से 15 हजार रुपये मासिक आय हो जाती है।
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शुभि आंवला-रीठा शैंपू 20 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से तैयार करती हैं। इसमें आंवला, रीठा, शिकाकाई और गुड़हल जैसी चीजों का इस्तेमाल करती हैं। हेयर ऑयल में प्याज, रोजमेरी, आंवला, भृंगराज, मेथी और कलौंजी शामिल करती हैं।
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मुल्तानी मिट्टी, डी-टैन, नीम और चारकोल वाले साबुन तैयार करती हैं। बच्चों के लिए कार, डोनट, आइसक्रीम और कार्टून कैरेक्टर के आकार के साबुन भी बनाती हैं। खास बात कि शुभि घर में भगवान को चढ़ाए गए फूलों को सुखाकर उसका पाउडर भी साबुन बनाने में इस्तेमाल करती हैं।
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इंस्टाग्राम उनके कारोबार का प्रमुख माध्यम है। वीडियो के जरिये उत्पाद बनाने की प्रक्रिया साझा करने पर प्रयागराज के अलावा दिल्ली, मेरठ और लखनऊ से भी ऑर्डर मिलते हैं। शुभि के अनुसार ऑर्डर के आधार पर न्यूनतम करीब 10 से 15 हजार रुपये मासिक आय हो जाती है।