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सरकार वकीलों को हाईकोर्ट में घुसने की इजाजत नहीं, आंदोलन में अब एडवोकेट्स एसोसिएशन भी
Fri, 06 Sep 2019 02:28 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 06 Sep 2019 02:28 AM IST
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शिक्षा अधिकारी
- फोटो : CITY DESK
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शिक्षा सेवा अधिकरण प्रयागराज में स्थापित करने के लिए आंदोलन कर रहे हाईकोर्ट के वकीलों ने बृहस्पतिवार को उग्र रूप अपना लिया है। सरकार के आदेश से कोर्ट में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे सरकारी वकीलों को अधिवक्ताओं ने गेट पर ही रोक दिया और किसी को भी भीतर नहीं जाने दिया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई।
वकीलों की हड़ताल के कारण न्यायिक कार्य बाधित रहा। सुबह नौ बजे हुई बैठक में बार एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पारित किया। इसके बाद दुबारा 11 बजे सभा हुई। अब शुक्रवार को सुबह नौ बजे बैठक बुलाई गई है।
सभा की अध्यक्षता राकेश पांडेय और संचालन महासचिव जे बी सिंह ने किया। अभी तक आंदोलन से दूरी बनाए रहे एडवोकेट्स एसोसिएशन भी बृहस्पतिवार को खुलकर आंदोलन के समर्थन में आ गया। बार की सभा में आकर एडवोकेट एसोसियेशन के अध्यक्ष एडी सॉण्डर्स और मंत्री अशोक कुमार श्रीवास्तव ने आंदोलन को अपना पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया। इन्हें बार के मार्गदर्शक मंडल में शामिल किया गया।
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अधिवक्ता क्लर्क एसोशिएशन के अध्यक्ष अवधेश राय और मंत्री ममलेश्वर ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। प्रदेश सरकार ने चार सितंबर को आदेश जारी कर सरकारी वकीलों को अदालत में मुकदमों की पैरवी करने का निर्देश दिया था। इसे नहीं मानने वालों के भत्तों में कटौती की चेतावनी भी दी गई है। इस आदेश के मद्देनजर प्रदेश सरकार के पैनल में शामिल कई दर्जन वकीलों ने सुबह साढ़े नौ बजे परिसर में प्रवेश का प्रयास किया।
मुख्य स्थायी अधिवक्ता विकास त्रिपाठी भी उनमें शामिल थे। मगर सरकारी वकीलों को गेट संख्या चार और पांच पर ही वकीलों ने रोक दिया और सभी को लौटा दिया।
इसके बाद लाइब्रेरी हॉल में हुई सभा को वरिष्ठ अधिवक्ता ओपी सिंह, राधाकांत ओझा, इंद्रकुमार चतुर्वेदी, डॉ सीपी उपाध्याय, अमरेंद्र नाथ सिंह, अशोक कुमार सिंह, एसी तिवारी, प्रभाशंकर मिश्र, उदय शंकर तिवारी, संतोष कुमार मिश्र, एके ओझा, विष्णु पांडेय, अनुराधा सुंदरम, मुन्ना यादव, राहुल पांडेय, अतुल पांडेय, पंकज उपाध्याय, सुनील सिंह, प्रशांत सिंह सोम, दुर्गेश चन्द्र तिवारी समाजवादी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव विनय प्रताप यादव, धनंजय कुमार आदि ने विचार रखे।
ट्विटर पर की अपील
बार अध्यक्ष राकेश पांडेय ने बताया कि बार के ट्विटर हैंडल पर केंद्र और राज्य सरकार को अधिकरण गठन के मुद्दे के लाभ हानि की जानकारी भेजी है। इसके अलावा बड़ी संख्या में बार के सदस्यों ने भी ट्विटर के जरिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति तक अपनी बात पहुंचाई है।
सरकारी वकीलों को आंबेडकर भवन पहुंचने का निर्देश
राज्य सरकार के पैनल में शामिल वकीलों को सुबह सवा नौ बजे आंबेडकर भवन बुलाया गया है। मुख्य स्थायी अधिवक्ता के निर्देश पर ओएसडी आरएन ओझा द्वारा जारी पत्र सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
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वकीलों की हड़ताल के कारण न्यायिक कार्य बाधित रहा। सुबह नौ बजे हुई बैठक में बार एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पारित किया। इसके बाद दुबारा 11 बजे सभा हुई। अब शुक्रवार को सुबह नौ बजे बैठक बुलाई गई है।
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सभा की अध्यक्षता राकेश पांडेय और संचालन महासचिव जे बी सिंह ने किया। अभी तक आंदोलन से दूरी बनाए रहे एडवोकेट्स एसोसिएशन भी बृहस्पतिवार को खुलकर आंदोलन के समर्थन में आ गया। बार की सभा में आकर एडवोकेट एसोसियेशन के अध्यक्ष एडी सॉण्डर्स और मंत्री अशोक कुमार श्रीवास्तव ने आंदोलन को अपना पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया। इन्हें बार के मार्गदर्शक मंडल में शामिल किया गया।
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अधिवक्ता क्लर्क एसोशिएशन के अध्यक्ष अवधेश राय और मंत्री ममलेश्वर ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। प्रदेश सरकार ने चार सितंबर को आदेश जारी कर सरकारी वकीलों को अदालत में मुकदमों की पैरवी करने का निर्देश दिया था। इसे नहीं मानने वालों के भत्तों में कटौती की चेतावनी भी दी गई है। इस आदेश के मद्देनजर प्रदेश सरकार के पैनल में शामिल कई दर्जन वकीलों ने सुबह साढ़े नौ बजे परिसर में प्रवेश का प्रयास किया।
मुख्य स्थायी अधिवक्ता विकास त्रिपाठी भी उनमें शामिल थे। मगर सरकारी वकीलों को गेट संख्या चार और पांच पर ही वकीलों ने रोक दिया और सभी को लौटा दिया।
इसके बाद लाइब्रेरी हॉल में हुई सभा को वरिष्ठ अधिवक्ता ओपी सिंह, राधाकांत ओझा, इंद्रकुमार चतुर्वेदी, डॉ सीपी उपाध्याय, अमरेंद्र नाथ सिंह, अशोक कुमार सिंह, एसी तिवारी, प्रभाशंकर मिश्र, उदय शंकर तिवारी, संतोष कुमार मिश्र, एके ओझा, विष्णु पांडेय, अनुराधा सुंदरम, मुन्ना यादव, राहुल पांडेय, अतुल पांडेय, पंकज उपाध्याय, सुनील सिंह, प्रशांत सिंह सोम, दुर्गेश चन्द्र तिवारी समाजवादी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव विनय प्रताप यादव, धनंजय कुमार आदि ने विचार रखे।
ट्विटर पर की अपील
बार अध्यक्ष राकेश पांडेय ने बताया कि बार के ट्विटर हैंडल पर केंद्र और राज्य सरकार को अधिकरण गठन के मुद्दे के लाभ हानि की जानकारी भेजी है। इसके अलावा बड़ी संख्या में बार के सदस्यों ने भी ट्विटर के जरिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति तक अपनी बात पहुंचाई है।
सरकारी वकीलों को आंबेडकर भवन पहुंचने का निर्देश
राज्य सरकार के पैनल में शामिल वकीलों को सुबह सवा नौ बजे आंबेडकर भवन बुलाया गया है। मुख्य स्थायी अधिवक्ता के निर्देश पर ओएसडी आरएन ओझा द्वारा जारी पत्र सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।