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Prayagraj : जिंदा रहते दुल्हन नहीं बन पाई शहनाज, खुदकुशी के बाद बन गई कर्जदार
Wed, 11 Jun 2025 05:57 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 11 Jun 2025 05:57 PM IST
सार
प्रेम विवाह की चाह पूरी नहीं होने पर कसारी-मसारी निवासी शहनाज (25) ने भले ही मौत को गले लगा लिया हो, लेकिन जाते-जाते अपने सिर कर्ज छोड़ गई। इस बात का मलाल उस दुकान मालकिन को है, जिसके यहां वह काम करती थी।
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शाहनाज। फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
प्रेम विवाह की चाह पूरी नहीं होने पर कसारी-मसारी निवासी शहनाज (25) ने भले ही मौत को गले लगा लिया हो, लेकिन जाते-जाते अपने सिर कर्ज छोड़ गई। इस बात का मलाल उस दुकान मालकिन को है, जिसके यहां वह काम करती थी। उन्होंने पुलिस से गुहार लगाते हुए कहा, युवती के कमरे से बरामद गहने उसने शादी के लिए उधार में बनवाए थे। पुलिस उसे सराफे की दुकान पर लौटकर उसको कर्ज से मुक्त कराए।
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धूमनगंज थाना क्षेत्र के कसारी-मसारी में किराये के कमरे में 29 मई की सुबह फंदे से लटक कर जान गंवाने वाली शहनाज दुनिया को अलविदा कह गई, लेकिन आज भी उसकी चर्चा उस दुकान पर होती है, जहां वह काम करती थी। दुकानदार उसकी वफादारी की तारीफ करते हैं। उसके बात-व्यवहार को याद कर दुकान मालकिन और वहां काम करने वालीं साथी महिलाओं की आंखें नम हो जातीं हैं।
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दुकान मालकिन मीता चौरसिया बताती हैं कि शहनाज ने अपनी शादी के लिए पड़ोस में स्थित सराफे की दुकान से कई थान गहने बनवाए थे, जिसका पैसा शादी हो जाने के बाद देने के लिए कहा था। लेकिन, शादी से पहले ही प्रेमी की प्रताड़ना से परेशान होकर उसने 29 मई की सुबह फंदे से लटक कर जान दे दी।
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उन्होंने बताया कि शहनाज की मौत के बाद कमरे की तलाशी में पुलिस को सोने-चांदी के कई गहने मिले थे। उन्हीं गहनों की वजह से शहनाज के ऊपर कर्ज भी है। यदि पुलिस उस गहने को सराफा कारोबारी को लौटा दे तो शहनाज के सिर से कर्ज उतर जाए। ताकि, मौत के बाद उसे कोई कर्जदार के रूप में न याद करे।
जबकि, धूमनगंज इंस्पेक्टर अमरनाथ राय का कहना है कि उन्हें किसी भी गहने के बारे में जानकारी नहीं है। सीडीआर के माध्यम से प्रेमी की लोकेशन का पता लगाया जा रहा है। राजरूपुर चौकी इंचार्ज शैलेंद्र यादव ने बताया कि कमरे के अंदर एक बॉक्स में कुछ गहने थे। उसे कमरे में ही रखकर ताला बंद कर दिया गया है। जांच में सत्यता पाए जाने पर दुकानदार को गहने लौटाया जाएगा।