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छात्रों ने फूंकी यूसीसी की गाइडलाइन की प्रतियां

Fri, 10 Jul 2020 12:09 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2020 12:09 AM IST
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sfi demonstrated against ugc's guidelines
sfi demonstrated against ugc's guidelines - फोटो : CITY DESK
-एसएफआई, दिशा छात्र संगठन ने किया परीक्षा के निर्णय का विरोध
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-छोटा बघाड़ा डेलीगेसी और इविवि के हॉस्टलों में पर्चों का वितरण
प्रयागराज। इविवि के छात्रसंघ भवन के सामने एसएफाआई के छात्रों ने बृहस्पतिवार को यूजीसी की गाइडलाइन की प्रतियां फूंकीं। इस गाइडलाइन में विश्वविद्यालयों को 30 सितंबर तक परीक्षा कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, दिशा छात्र संगठन की ओर से यूजीसी के निर्णय के विरोध में पर्चे बांटे गए।
एसएफआई के छात्रों ने यूजीसी के फैसले की निंदा करते हुए कहा कि इसे छात्र एवं मानवता विरोधी बताया। राज्य सचिव विकास स्वरूप ने कहा कि जब पूरे देश में कोविड-19 महामारी चरम पर है, तब परीक्षा कराने का फैसला शर्मनाक है। इस सत्र में सभी छात्रों को बिना परीक्षा के प्रमोट कर देना चाहिए। यूजीसी के इस निर्णय से कई छात्र-छात्राओं की जान जोखिम में पड़ जाएगी। प्रदर्शन में सुयश, नंद किशोर, अनिल कुशवाहा, शिवम मौर्य, शेखर, रामकृष्ण, विकल्प आदि मौजूद रहे।
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उधर, दिशा छात्र संगठन ने इविवि के हॉस्टलों को खाली करने के नोटिस और यूजीसी के परीक्षा कराए जाने के निर्णय के विरोध में छोड़ा बघाड़ा डेलीगेसी एवं हॉस्टलों में पर्चे वितरित किए। संगठन के विवेक ने कहा कि इविवि प्रशासन और यूजीसी का रवैया छात्र विरोधी है।
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प्रशासन ने बिना सोचे हॉस्टल खाली करने का फरमान जारी कर दिया और यूजीसी ने भी कोरोना के तेजी से बढ़ रहे मामलों के बीच परीक्षा कराने का निर्णय ले लिया। मांग की गई कि हर प्रकार की परीक्षाओं को रद्द करते हुए वैकल्पिक मार्किंग के तहत सभी छात्रों को प्रोन्नत किया जाएगा। पर्चा वितरण में विवेक, धर्मराज, अंबरीश, रवि, सुरेश, अविनाश आदि मौजूद रहे।
परीक्षा के खिलाफ मानवाधिकार आयोग को भेजा पत्र
प्रयागराज। इविवि के परास्नातक प्रथम वर्ष के छात्र अभिषेक कुमार सिंह ने कोविड-19 महामारी के बीच परीक्षा कराए जाने के निर्णय के विरोध में मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। आयोग से जवाब आया है कि उनका पत्र स्वीकार कर लिया गया है। अभिषेक का कहना है कि यूजीसी की गाइडलाइन जारी होने के बाद इविवि प्रशासन ने बिना स्थानीय परिस्थिति को देखे उसका पालन करने की तैयारी की है। इसके विरोध में अभिषेक ने कुलपति एवं परीक्षा नियंत्रक को पत्र भेज लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। ऐसे में उन्हें मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजना पड़ा।
परीक्षा कराने और छात्रावास खाली कराने की निंदा
प्रयागराज। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने कोविड के बढ़ते संक्रमण के दौरान परीक्षा कराने और बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए इविवि के छात्रावास खाली कराने की निंदा की है। भाकपा नेताओं ने विश्वविद्यालय और प्रशासन के इस कदम को अन्यायपूर्ण बताया है। नेताओं ने इस फैसले का विरोध कर रहे छात्रों का समर्थन करते हुए बिना परीक्षा कराए छात्रों को प्रमोट करने की मांग को जायज ठहराया है। माकपा राज्य सचि

व मंडल के सदस्य रवि मिश्रा ने कहा कि पहले तो सरकार ने बिना तैयारी लॉकडाउन थोपा, अब संक्रमण बढ़ा है तो तब परीक्षा कराना न्यायसंगत नहीं है। जिला मंत्री अखिल विकल्प ने देश के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ अदूरदर्शी है।
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