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Prayagraj News: निविदा प्रक्रिया में गंभीर त्रुटियां, निरस्त करने का दिया निर्देश
Mon, 30 Mar 2026 02:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Mon, 30 Mar 2026 02:24 AM IST
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खंड विकास अधिकारी सैदाबाद पवन कुमार एवं ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र सिंह पटेल की ओर से विकास कार्यों के लिए निविदा फार्म जनपद से दूर समाचार पत्रों में प्रकाशित किया गया था। निविदा प्रक्रिया में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायत पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य विभव त्रिपाठी एवं पूर्व ब्लाॅक प्रमुख प्रमोद त्रिपाठी बुलबुल की ओर से मंडलायुक्त से की गई थी। मंडलायुक्त ने उन्होंने सीडीओ हर्षिका सिंह को निविदा प्रक्रिया में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच करने का निर्देश दिए थे।
पूर्व प्रमुख प्रमोद त्रिपाठी की मांग पर सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी सैदाबाद को निर्देश दिया कि जब तक जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती तब तक किसी भी ठेकेदार को कार्य आवंटन नहीं किया जाएगा। उन्होंने ब्लॉक में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच के लिए अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग एवं सहायक लेखा अधिकारी जिला विकास कार्यालय प्रयागराज को नामित किया। दो सदस्यीय टीम द्वारा टेंडर प्रक्रिया की विधिवत जांच की गई। उनके द्वारा टेंडर प्रक्रिया में जांच के दौरान गंभीर त्रुटियां पाई गई। जांच अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि निविदा प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है जिसमें कई गंभीर आपत्तियां हैं।
इसका संज्ञान लेते हुए सीडीओ ने निविदा प्रक्रिया को निरस्त करने का निर्देश देते हुए खंड विकास अधिकारी पवन कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने एक सप्ताह के अंदर खंड विकास अधिकारी से जवाब मांगते हुए लिखा कि विभागीय कार्यवाही में शिथिलता एवं लापरवाही बरतने पर क्यों न विभागीय कार्यवाही की संस्तुति की जाए।
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पूर्व प्रमुख प्रमोद त्रिपाठी की मांग पर सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी सैदाबाद को निर्देश दिया कि जब तक जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती तब तक किसी भी ठेकेदार को कार्य आवंटन नहीं किया जाएगा। उन्होंने ब्लॉक में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच के लिए अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग एवं सहायक लेखा अधिकारी जिला विकास कार्यालय प्रयागराज को नामित किया। दो सदस्यीय टीम द्वारा टेंडर प्रक्रिया की विधिवत जांच की गई। उनके द्वारा टेंडर प्रक्रिया में जांच के दौरान गंभीर त्रुटियां पाई गई। जांच अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि निविदा प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है जिसमें कई गंभीर आपत्तियां हैं।
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इसका संज्ञान लेते हुए सीडीओ ने निविदा प्रक्रिया को निरस्त करने का निर्देश देते हुए खंड विकास अधिकारी पवन कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने एक सप्ताह के अंदर खंड विकास अधिकारी से जवाब मांगते हुए लिखा कि विभागीय कार्यवाही में शिथिलता एवं लापरवाही बरतने पर क्यों न विभागीय कार्यवाही की संस्तुति की जाए।
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