सनसनीखेज वारदात : कंप्यूटर ऑपरेटर की कार के भीतर गला रेतकर हत्या, चार साल पहले पिता की भी हुई थी हत्या
मंगला प्रसाद कौंधियारा बीआरसी में संविदा पर तैनात था। वह मूल रूप से करछना के वीरपुर गांव का रहने वाला था और रोजाना बाइक से बीआरसी आया-जाया करता था। रोज की तरह बुधवार दोपहर तीन बजे के करीब बाइक से घर लौट रहा था। अभी वह कौंधियारा के मड़वा गांव के पास पहुंचा था कि तभी पीछे से आई क्वालिस कार ने उसे टक्कर मार दी।
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थाना के कचरी गांव में सनसनीखेज वारदात हुई। कौंधियारा बीआरसी में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर मंगला प्रसाद पांडेय (40) की कार के भीतर गला रेतकर हत्या कर दी गई। इससे पहले घर लौटते वक्त बाइक में टक्कर मारकर हत्यारों ने उसे गिरा दिया और फिर कार के भीतर खींचकर भागने लगे।
इसी दौरान उसकी हत्या कर दी गई। रास्ते में टायर फटने पर हत्यारे लाश कार में ही छोड़कर भाग निकले। आक्रोशित परिजनों ने देर रात तक शव नहीं उठने दिया था। अफसर मान-मनौव्वल में जुटे रहे। मृतक चार साल पहले हुई अपने पिता की हत्या के मामले में गवाह था और उसकी हत्या को इसी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है।
बीआरसी कौंधियारा पर था तैनात
मृतक कौंधियारा बीआरसी में संविदा पर तैनात था। वह मूल रूप से करछना के वीरपुर गांव का रहने वाला था और रोजाना बाइक से बीआरसी आया-जाया करता था। रोज की तरह बुधवार दोपहर तीन बजे के करीब बाइक से घर लौट रहा था। अभी वह कौंधियारा के मड़वा गांव के पास पहुंचा था कि तभी पीछे से आई क्वालिस कार ने उसे टक्कर मार दी।
वह गिरा तो उसमें सवार बदमाशों ने उसे भीतर खींच लिया और कार लेकर निकल भागे। अभी वह कौंधियारा की सीमा पार कर करछना के कचरी के पास पहुंचे थे तभी कार का टायर फट गया। इसके बाद बदमाश गाड़ी छोड़कर भाग निकले। गांववाले पहुंचे तो गाड़ी के भीतर मंगला की रक्तरंजित लाश देखकर स्तब्ध रह गए।
उसके गले में गहरा जख्म था और उससे काफी खून भी बहा था। दिनदहाड़े हत्या की खबर से सनसनी फैल गई। सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया और वह रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। उधर पुलिस भी आ गई।
2018 में हुई थी पिता की हत्या
पूछताछ में परिजनों ने बताया कि 2018 में मंगला के पिता लालता प्रसाद पांडेय की घर केबाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुख्यात अपराधी राजा पांडेय व उसके साथी नामजद किए गए थे और वह अभी भी जेल में है। मंगला पिता की हत्या के मुकदमे में गवाह है और इसी को लेकर विपक्षी उससे खुन्नस रखते थे। आरोप है कि इसी रंजिश में उसकी हत्या की गई।
घटना से परिजन आक्रोश, फैला तनाव
घटना की जानकारी पर एसपी यमुनापार, सीओ करछना भी आसपास के थानों की फोर्स लेकर पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेने की कोशिश की तो परिजनों ने विरोध कर दिया। उनका कहना था कि चार साल के भीतर परिवार के दूसरे व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई। अब किस बात का भरोसा पुलिस पर किया जाए। पुलिस अफसर मान-मनौव्वल में जुटे रहे लेकिन परिजन उनकी बात मानने को तैयार नहीं हुए। रात 10 बजे तक परिजनों ने शव नहीं उठने दिया था। वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जमा रहे।
मौके से मृतक की बाइक व घटना में प्रयुक्त क्वालिस कब्जे में ले ली गई है। परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। -सौरभ दीक्षित, एसपी यमुनापार
एसओ की दिनदहाड़े कर दी थी हत्या
इस मामले में जिस राजा पांडेय का नाम आया है, वह करछना थाने का हिस्ट्रीशीटर है। अप्रैल 2018 में औद्योगिक क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान उसे गिरफ्तार किया गया था जिसमें उसके पैर में गोली भी लगी थी। तब से वह जेल में बंद है। उसे मंगला के पिता लालता की हत्या में गिरफ्तार किया गया था। राजा पांडेय का नाम कुछ साल पहले तब चर्चा में आया जून 2013 में उसने दिनदहाड़े बारा थाने के एसओ राजेंद्र द्विवेदी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।