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Seminar : मशीनीकरण के बजाए मानवीकरण पर बल देने से ही बेहतर चुनाव प्रबंधन संभव

Thu, 19 May 2022 07:35 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 19 May 2022 07:35 PM IST
सार

प्रो. शुक्ल ने कहा कि मीडिया शोध को केवल डाटा विश्लेषण से नहीं समझा जा सकता और न ही केवल तकनीक या कृत्रिम बुद्धि के भरोसे सही आंकड़े प्राप्त किए जा सकते हैं। मीडिया को यह ध्यान देना जरूरी है कि उसके पास विश्वसनीय डाटा है कि नहीं। डाटा एकत्र किसी शोधार्थी द्वारा किया गया है अथवा किसी अन्य द्वारा।

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Seminar: Better election management is possible only by emphasizing on humanization instead of mechanization
Prayagraj News : महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के क्षेत्रीय केंद्र पर आयोजित सेमीनार में मौजूद अतिथिगण। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के क्षेत्रीय केंद्र पर बुधवार को चुनाव प्रबंधन में मीडिया शोध की भूमिका विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति और दर्शनशास्त्र के आचार्य प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने की।  

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प्रो. शुक्ल ने कहा कि मीडिया शोध को केवल डाटा विश्लेषण से नहीं समझा जा सकता और न ही केवल तकनीक या कृत्रिम बुद्धि के भरोसे सही आंकड़े प्राप्त किए जा सकते हैं। मीडिया को यह ध्यान देना जरूरी है कि उसके पास विश्वसनीय डाटा है कि नहीं। डाटा एकत्र किसी शोधार्थी द्वारा किया गया है अथवा किसी अन्य द्वारा। यह डाटा पूर्वाग्रह मुक्त है या पूर्वाग्रहपूर्ण।
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इस प्रकार मशीनीकरण के बजाए मानवीकरण पर बल देने से ही चुनाव प्रबंधन अपनी परिणति को प्राप्त होगा। चुनाव प्रबंधन मानव विज्ञान है इसीलिए मानवीय नजरिए से इसे समझना जरूरी है। राजनीतिक विश्लेषक और स्तंभकार हर्षवर्धन त्रिपाठी ने चुनाव प्रबंधन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नये मीडिया ने आम आदमी को जोड़ा है। सोशल मीडिया के दौर में राजनीतिक धर्म और जाति के द्वारा ही तय नहीं हो रही है बल्कि आम आदमी के अपने मुद्दे भी चुनाव के नतीजों को तय कर रहे हैं।
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प्रोफेसर संजय द्विवेदी ने कहा मीडिया कर्मियों को जिम्मेदार एवं कर्तव्यपरायण होना चाहिए। संपादकों के विचारों के आधार पर जनता के विचार निर्माण की प्रक्रिया बंद हो चुकी है। द्वितीय सत्र में मुख्य वक्ता वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग के अध्यक्ष प्रो. गिरीश नाथ झा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की चुनाव में भूमिका पर चर्चा की।



गोबिंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. बद्रीनारायण तिवारी ने कहा कि आज का चुनाव अवधारणा और नैरेशन का चुनाव है। ओपिनियन चुनाव को प्रभावित करता है। कार्यक्रम में प्रो. कृपाशंकर चौबे,  प्रो. अखिलेश कुमार दुबे, डॉ. अख्तर आलम, डॉ. शिखा शुक्ला,  डॉ. संतोष मिश्रा आदि उपस्थित रहे। 

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