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मोदी की मौजूदगी में लग सकती है सीएम प्रत्याशी पर मुहर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 24 May 2016 02:05 AM IST
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इलाहाबाद में 12 एवं 13 जून को पहली बार हो रही भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक कई मायनों में खासी महत्वपूर्ण है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में पार्टी की ओर से यूपी के सीएम प्रत्याशी के नाम की घोषणा हो सकती है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने इस बात के संकेत दिए हैं। इतना ही नहीं यह भी कहा जा रहा है कि सीएम प्रत्याशी ओबीसी, एससी का नहीं बल्कि सामान्य कोटे का ही होगा।
बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार से हताश हुए भाजपाइयों को असम में मिली जीत ने खासा राहत दी है। पार्टी जीत के इस क्रम को यूपी में भी बरकरार रखना चाहती है। यूपी चुनाव में भाजपा की मुख्य टक्कर सपा और बसपा से होनी है। इसके लिए पार्टी ने ओबीसी कार्ड खेलते हुए पिछले माह फूलपुर के सांसद केशव प्रसाद मौर्य को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। हालांकि सपा और बसपा की तरह भाजपा के पास अभी मुख्यमंत्री प्रत्याशी के लिए कोई बड़ा नाम नहीं है। ऐसे में इलाहाबाद में अगले माह होने वाली बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सीएम प्रत्याशी के चयन का मुद्दा भी रहेगा।
बता दें लोकसभा चुनाव के पूर्व गोवा में हुई बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में नरेंद्र मोदी को पीएम का उम्मीदवार घोषित किया गया था। असम में भी पार्टी ने सीएम प्रत्याशी के नाम की घोषणा की थी और वहां पार्टी जीती। जबकि बिहार चुनाव में पार्टी बिना प्रत्याशी के ही चुनाव लड़ी और नतीजा सबके सामने हैं। ऐसे में अब इलाहाबाद में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पीएम मोदी, अमित शाह एवं भाजपा के अन्य दिग्गजों की मौजूदगी में यूपी में सीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया जा सकता है। भाजपा के भीतर खाने में चर्चा इस बात की है कि सीएम पद का उम्मीदवार ओबीसी, एससी का नहीं, बल्कि फारवर्ड क्लास का ही होगा क्योंकि बसपा से मायावती अनुसूचित जाति तो सपा से अखिलेश यादव ओबीसी से आते हैं।
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चर्चा है कांग्रेस भी सीएम पद के लिए अगड़ी जाति के उम्मीदवार की तलाश में है। इसके पूर्व भाजपा वर्तमान माहौल को देखते हुए अगड़ी जाति के उम्मीदवार पर ही अपनी मुहर लगा सकती है। अभी हाल ही में हुए सर्वें में मुख्यमंत्री के रूप में मानव संसाधन विकास
मंत्री स्मृति ईरानी का नाम सबसे ऊपर आया था। इसके अलावा इस पद के लिए लखनऊ के मेयर डा.दिनेश शर्मा, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा आदि के नाम भी चर्चा में हैं। पिछले कई दिनों से इन चारों ही नेताओं की सक्रियता भी यही इशारा कर रही है। अभी हाल ही में वरुण गांधी का इलाहाबाद का दौरा भी इसी से जोड़ कर देखा जा रहा है। इस बारे में यूपी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने अभी सीएम उम्मीदवार पर पत्ते खोलने से भले ही इंकार कर दिया है, लेकिन उन्होंने इस बात के संकेत दिए हैं कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह एक अहम मुद्दा रहेगा।
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बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार से हताश हुए भाजपाइयों को असम में मिली जीत ने खासा राहत दी है। पार्टी जीत के इस क्रम को यूपी में भी बरकरार रखना चाहती है। यूपी चुनाव में भाजपा की मुख्य टक्कर सपा और बसपा से होनी है। इसके लिए पार्टी ने ओबीसी कार्ड खेलते हुए पिछले माह फूलपुर के सांसद केशव प्रसाद मौर्य को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। हालांकि सपा और बसपा की तरह भाजपा के पास अभी मुख्यमंत्री प्रत्याशी के लिए कोई बड़ा नाम नहीं है। ऐसे में इलाहाबाद में अगले माह होने वाली बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सीएम प्रत्याशी के चयन का मुद्दा भी रहेगा।
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बता दें लोकसभा चुनाव के पूर्व गोवा में हुई बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में नरेंद्र मोदी को पीएम का उम्मीदवार घोषित किया गया था। असम में भी पार्टी ने सीएम प्रत्याशी के नाम की घोषणा की थी और वहां पार्टी जीती। जबकि बिहार चुनाव में पार्टी बिना प्रत्याशी के ही चुनाव लड़ी और नतीजा सबके सामने हैं। ऐसे में अब इलाहाबाद में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पीएम मोदी, अमित शाह एवं भाजपा के अन्य दिग्गजों की मौजूदगी में यूपी में सीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया जा सकता है। भाजपा के भीतर खाने में चर्चा इस बात की है कि सीएम पद का उम्मीदवार ओबीसी, एससी का नहीं, बल्कि फारवर्ड क्लास का ही होगा क्योंकि बसपा से मायावती अनुसूचित जाति तो सपा से अखिलेश यादव ओबीसी से आते हैं।
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चर्चा है कांग्रेस भी सीएम पद के लिए अगड़ी जाति के उम्मीदवार की तलाश में है। इसके पूर्व भाजपा वर्तमान माहौल को देखते हुए अगड़ी जाति के उम्मीदवार पर ही अपनी मुहर लगा सकती है। अभी हाल ही में हुए सर्वें में मुख्यमंत्री के रूप में मानव संसाधन विकास
मंत्री स्मृति ईरानी का नाम सबसे ऊपर आया था। इसके अलावा इस पद के लिए लखनऊ के मेयर डा.दिनेश शर्मा, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा आदि के नाम भी चर्चा में हैं। पिछले कई दिनों से इन चारों ही नेताओं की सक्रियता भी यही इशारा कर रही है। अभी हाल ही में वरुण गांधी का इलाहाबाद का दौरा भी इसी से जोड़ कर देखा जा रहा है। इस बारे में यूपी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने अभी सीएम उम्मीदवार पर पत्ते खोलने से भले ही इंकार कर दिया है, लेकिन उन्होंने इस बात के संकेत दिए हैं कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह एक अहम मुद्दा रहेगा।