Job : कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती में फिर फंसा पेंच, UPSSSC ने अब दूसरे अभ्यर्थियों का डाटा UPPSC से मांगा
यूपीपीएससी की ओर से निर्धारित प्रारूप पर डाटा उपलब्ध कराया जा चुका है, इसके बाद भी नय विज्ञापन जारी नहीं किया जा रहा। बृहस्पतिवार को अभ्यर्थी विज्ञापन में देरी का कारण जानने के लिए यूपीएसएसएससी पहुंचे।
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कृषि प्राविधिक सहायक की नई भर्ती में फिर डाटा का पेंच फंस गया है। इस बार उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने उन अभ्यर्थियों का डाटा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) से मांगा है, जो सुप्रीम कोर्ट में कृषि प्राविधिक सेवा भर्ती-2013 को लेकर दाखिल याचिका में प्रतिवादी थे।
दोनों भर्ती संस्थाओं के बीच डाटा के अदान-प्रदान को लेकर कृषि प्राविधिक सहायक के 3446 पदों पर नई भर्ती कई महीनों से फिर हुई है। यूपीपीएससी की ओर से कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती-2013 के 906 अभ्यर्थियों का डाटा तीन बार यूपीएसएसएससी को भेजा जा चुका है। यूपीएसएसएससी की ओर से अभ्यर्थियों को बताया गया था कि एनआईसी के निर्धारित प्रारूप पर डाटा मिलने के बाद नया विज्ञापन जारी किया जाएगा।
यूपीपीएससी की ओर से निर्धारित प्रारूप पर डाटा उपलब्ध कराया जा चुका है, इसके बाद भी नय विज्ञापन जारी नहीं किया जा रहा। बृहस्पतिवार को अभ्यर्थी विज्ञापन में देरी का कारण जानने के लिए यूपीएसएसएससी पहुंचे। अभ्यर्थियों के अनुसार सचिव ने उनसे बताया कि यूपीपीएससी की ओर से 906 अभ्यर्थियों के सर्टिफाइड डाटा की हार्डकॉपी 18 अगस्त को यूपीएसएसएससी को प्राप्त हो चुकी है।
डाटा के लेनदेन में हो रही देरी से अभ्यर्थी बने घनचक्कर
डाटा पूर्ण है, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय में जो अभ्यर्थी प्रतिवादी थे और उन्होंने कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती-2013 का इंटरव्यू दिया था, उनको भी नई भर्ती में शामिल करना है। ये अभ्यर्थी ओवरलैपिंग के कारण चयन से वंचित रह गए थे। नई भर्ती शुरू होने के बाद कोई विवाद न हो और अभ्यर्थी कोर्ट न जाएं, इसके लिए इन अभ्यर्थियों का डाटा भी यूपीपीएससी से मांगा गया है।
अभ्यर्थियों को बताया गया कि इसके लिए यूपीएसएसएससी की ओर से यूपीपीएससी को पत्र भेज दिया गया है। वहीं, अभ्यर्थियों का कहना है कि डाटा के लेनदेन के चक्कर में महीनाें से भर्ती फंसी हुई है और अभ्यर्थी दोनों आयोगों के बीच घनचक्कर बने हुए हैं। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि भर्ती में आए दिन नया अड़ंगा लग रहा है। अफसरों की लापरवाही के कारण भर्ती फंसी हुई है। समिति ने मांग की है कि नई भर्ती का विज्ञापन शीघ्र जारी किया जाए।