फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Scientists from Allahabad University have created a special nano fertilizer, making mung beans more nutritious

Research : इलाहाबाद विवि के वैज्ञानिकों ने बनाई खास नैनो खाद, ज्यादा पौष्टिक होगी मूंग

Wed, 12 Nov 2025 02:55 PM IST
विनोद सिंह अविनाशी श्रीवास्तव, प्रयागराज
अविनाशी श्रीवास्तव, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 12 Nov 2025 02:55 PM IST
सार

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने सिलिकॉन डाई ऑक्साइड नैनो पार्टिकल बनाने में सफलता पाई है। इससे निर्मित खाद का इस्तेमाल कर मूंग में पोषक तत्वों की मात्रा ढाई से तीन गुना तक बढ़ाई जा सकेगी है।

विज्ञापन
Scientists from Allahabad University have created a special nano fertilizer, making mung beans more nutritious
इलाहाबाद विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने सिलिकॉन डाई ऑक्साइड नैनो पार्टिकल बनाने में सफलता पाई है। इससे निर्मित खाद का इस्तेमाल कर मूंग में पोषक तत्वों की मात्रा ढाई से तीन गुना तक बढ़ाई जा सकेगी है। पैदावार में भी तीन गुना तक वृद्धि की जा सकती है। विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग के प्रो. कैलाश नाथ उत्तम के निर्देशन में ऐश्वर्य अवस्थी, आराधना त्रिपाठी एवं छवि बरन ने मूंग में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने पर शोध कार्य किया है। प्रो.कैलाश नाथ ने बताया कि पांच वर्ष के शोध के बाद सिलिकॉन डाई ऑक्साइड नैनो पार्टिकल बनाने में सफलता मिली है। शोध के दौरान अलग-अलग सांद्रता का उपयोग किया गया। इससे प्रोटीन के साथ क्लोरोफिल, लिपिड, कार्बोहाइड्रेड, एलिफैटिक यौगिक की मात्रा में ढाई से तीन गुना की वृद्धि पाई गई।

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि मूंग में पहले से प्रोटीन की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। सिलिकॉन डाई ऑक्साइड नैनौ पार्टिकल (खाद) का इस्तेमाल करने से यह प्रोटीन का प्रमुख स्रोत होगा। गौरतलब हो कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के इस शोध को अंतरराष्ट्रीय जर्नल एनालिटिकल लेटर्स में प्रकाशित किया गया है। प्रो. उत्तम ने बताया कि इंदौर स्थित मोदी कैप यूनिवर्सिटी में आयोजित नेशनल लेजर सिंपोजियम में ऐश्वर्य अवस्थी ने इस शोध पत्र को प्रस्तुत किया था, जिसे बेस्ट रिसर्च पेपर के लिए भी चुना गया।

विज्ञापन

दस करोड़ बच्चों में प्रोटीन की कमी

बदलते परिवेश में बच्चों के लिए प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थाें की मांग बढ़ गई है। एक रिसर्च में सामने आया है कि देश में 10 करोड़ से अधिक बच्चों में प्रोटीन की मात्रा कम पाई गई है। इसे देखते हुए अधिक प्रोटीन वाली फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए शिक्षण संस्थानों में भी नए-नए शोध शुरू किए गए हैं। इस पर भी शोध किए जा रहे हैं कि ज्यादा उपयोग में आने वाली फसलों में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाई जा सके।

बढ़ती मांग को देखते हुए मूंग पर किया शोध

प्रो. उत्तम का कहना है कि मूंग प्रोटीन के साथ कई अन्य तत्वों का स्रोत है। इसके अलावा इससे दाल के अलावा हलुआ, मिठाई, पापड़, चिल्ला समेत कई तरह के उत्पाद तैयार किए जाते हैं जिनकी बहुत अधिक मांग है। उन्होंने बताया कि मानक के अनुसार प्रत्येक दिन किसी व्यक्ति को 150 ग्राम दाल की जरूरत होती है लेकिन भारत में करीब 100 ग्राम ही उपलब्ध है। ऐसे में डेनमार्क तथा अन्य देशों से दाल आयात करना पड़ती है। इसके विपरीत प्रदूषण की वजह से मूंग की उत्पादकता में कमी आ रही है। साथ ही गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। इन परिस्थितियों को देखते हुए मूंग को शोध के लिए चुना गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed