प्रयागराज। सुरमई शाम के साथ शहनाई की मांगलिक धुनों, लोक, ओडिशी और जनजातीय नृत्यों से माघ मेला में सांस्कृतिक संध्या के इंद्रधनुषी रंग बिखरे। एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ कलाकारों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
मंगलवार को उत्तर मध्य सांस्कृतिक केंद्र की ओर से आयोजित ‘चलो मन गंगा-यमुना तीर’ की सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक माघ मेला आशुतोष मिश्र और केंद्र निदेशक इंद्रजीत सिंह ग्रोवर ने किया। वाराणसी के मोहन लाल त्यागी ने मांगलिक धुनों पर शहनाई वादन किया। सांस्कृतिक संध्या में जीवन की नश्वरता को प्रदर्शित करने वाला हरियाणा के वेद प्रकाश व दल का वनचारी नृत्य, रामायण और महाभारत के आख्यानों पर आधारित जनजातीय नृत्य, संबलपुरी नृत्य का फ्यूजन, ओडिशा के मंदिरों के शास्त्रीय नृत्य से कलाकारों ने खूब वाहवाही लूटी। रीतिका मंडल के निर्देशन से प्रस्तुतियां भावपूर्ण हो गईं। इसके अलावा उत्तराखंड, असोम व मध्य प्रदेश के लोक कलाकारों ने नृत्य की सुंदर प्रस्तुति दी। प्रयागराज के दोआबा क्षेत्र का ढेंढ़िया, असोमी लोकजीवन के उल्लास का प्रतीक और अच्छी फ सल की खुशी में होने वाला स्वीटी सरकार के दल का बिहू नृत्य, कश्मीर के इफ रा खान के दल का कश्मीरी लोकनृत्य, मध्य प्रदेश के अरविंद यादव के दल का मांगलिक अवसरों पर होने वाली बधाई, मथुरा के राजेश शर्मा व दल का ब्रज के लोकनृत्य और नत्थीलाल नौटियाल व दल की ओर से उत्तराखंड की लोक संस्कृति को दर्शाता थड्या चौफ ला लोकनृत्यों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इसके अलावा सांस्कृतिक केंद्र पंडाल में देश के विविध अंचलों की हस्तशिल्प और आंचलिक व्यंजनों की भी प्रदर्शनी लगाई गई। सांस्कृतिक केंद्र निदेशक इंद्रजीत सिंह ग्रोवर ने बताया कि 22 जनवरी को दोपहर दो बजे से शाम 5.30 बजे तक ब्रज के कलाकारों की ओर से श्रीकृष्ण लीला का मंचन किया जाएगा। शाम छह बजे से रात्रि नौ बजे तक भजन, कथक, सुगम संगीत और देश के मनमोहक लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां होंगी।

Scattered colors of folk, tribal and Odissi folk dance- फोटो : CITY DESK

माघ मेला स्थित सांस्कृतिक केंद्र के पंडाल में शुरू हुए चलो मन गंगा यमुना तीर कार्यक्रम के तहत मंग- फोटो : CITY DESK