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गंभीर मरीजों के लिए संजीवनी बनेगा नया ब्लड बैंक
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Sanjeevani will be a new blood bank for serious patients
मुनेंद्र बाजपेयी
प्रयागराज। हादसों में घायल गंभीर मरीजों को खून, आग से झुलसे लोगों को प्लाज्मा, डेंगू पीड़ितों को प्लेटलेट्स और एनीमिक महिलाओं को पीआरबीसी के लिए अब नहीं भटकना पड़ेगा। शहर को जल्द ही पांचवें ब्लड बैंक (रक्तकोष) की सौगात मिलेगी। यह पहल की है इलाहाबाद नर्सिंग होम एसोसिएशन ने, जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं। लाइसेंस और अनापत्ति प्रमाणपत्रों की औपचारिकताएं पूरी होते ही नया ब्लड बैंक काम करने लगेगा। जरूरतमंदों को सरकारी दर से खून उपलब्ध कराया जाएगा।
शहर में इस समय चार ब्लड बैंक हैं। इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन, बेली, एसआरएन और कॉल्विन अस्पताल में रक्तकोष स्थापित हैं। रक्तदान की जागरूकता बढ़ने के बावजूद इन ब्लड बैंकों में खून और प्लेटलेट्स की किल्लत बनी रहती है। सर्वाधिक दिक्कत डेंगू पीड़ितों को होती है, वह अस्पताल में भर्ती रहते हैं और तीमारदार प्लेटलेट्स के लिए भटकते हैं।
इलाहाबाद नर्सिंग होम एसोसिएशन इन्हीं परेशानियों से प्रभावित लोगों को निजात दिलाने के उद्देश्य से नए रक्तकोष की स्थापना करा रहा है। शहर का यह ब्लड बैंक आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसके लिए भवन चयन का काम पूरा कर लिया गया है। खास यह है कि नया ब्लड बैंक सिविल लाइंस में स्थापित हो रहा है, ताकि मरीज हों या तीमारदार उन्हें खून के लिए ज्यादा दौड़ न लगानी पड़े।
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मशीनें आईं, स्थापना का काम जोरों पर
सिविल लाइंस में स्थापित किए जा रहे एएनए के नए ब्लड बैंक के लिए मशीनें मंगाई जा चुकी हैं। मशीनों के साथ फ्रीजर, पैथालॉजी लैब और जांच के लिए स्थान व्यवस्थित किया जा रहा है। फर्नीचर का काम पूरा होते ही मशीनों की स्थापना का काम शुरू किया जाएगा। चिकित्सकों की देखरेख में तकनीकी रूप से दक्ष टेक्नीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ मानक के मुताबिक गुणवत्ता पर ध्यान देंगे।
प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, पीआरबीसी समेत अन्य भी रक्त तत्व भी मिलेंगे
एएनए के नए ब्लड बैंक में रक्त तत्वों को अलग करने के लिए ब्लड सेप्रेटर भी लगाया जा रहा है। इससे जरूरतमंदों को रक्त ही नहीं प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, पीआरबीसी समेत अन्य रक्त तत्व भी उपलब्ध होंगे। रक्तदान करने वालों को खून उपलब्ध होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स, झुलसे लोगों को प्लाज्मा और हीमोग्लोबिन कम होने की स्थिति में चिकित्सक के परामर्श पर पीआरबीसी चढ़ाने की सलाह दी जाती है।
नर्सिंग होम एसोसिएशन समाजहित में नए ब्लड बैंक की स्थापना करा रहा है। लाभ-हानि से इतर, सरकार की ओर से निर्धारित दरों पर जरूरतमंदों को रक्त आदि उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। गुणवत्ता बनाए रखने का संकल्प पीड़ितों को राहत देगा। एसोसिएशन सूबे के अन्य जिलों में भी रक्तकोष स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है।
- डॉ. सुशील सिन्हा, प्रदेश अध्यक्ष नर्सिंग होम एसोसिएशन
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प्रयागराज। हादसों में घायल गंभीर मरीजों को खून, आग से झुलसे लोगों को प्लाज्मा, डेंगू पीड़ितों को प्लेटलेट्स और एनीमिक महिलाओं को पीआरबीसी के लिए अब नहीं भटकना पड़ेगा। शहर को जल्द ही पांचवें ब्लड बैंक (रक्तकोष) की सौगात मिलेगी। यह पहल की है इलाहाबाद नर्सिंग होम एसोसिएशन ने, जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं। लाइसेंस और अनापत्ति प्रमाणपत्रों की औपचारिकताएं पूरी होते ही नया ब्लड बैंक काम करने लगेगा। जरूरतमंदों को सरकारी दर से खून उपलब्ध कराया जाएगा।
शहर में इस समय चार ब्लड बैंक हैं। इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन, बेली, एसआरएन और कॉल्विन अस्पताल में रक्तकोष स्थापित हैं। रक्तदान की जागरूकता बढ़ने के बावजूद इन ब्लड बैंकों में खून और प्लेटलेट्स की किल्लत बनी रहती है। सर्वाधिक दिक्कत डेंगू पीड़ितों को होती है, वह अस्पताल में भर्ती रहते हैं और तीमारदार प्लेटलेट्स के लिए भटकते हैं।
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इलाहाबाद नर्सिंग होम एसोसिएशन इन्हीं परेशानियों से प्रभावित लोगों को निजात दिलाने के उद्देश्य से नए रक्तकोष की स्थापना करा रहा है। शहर का यह ब्लड बैंक आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसके लिए भवन चयन का काम पूरा कर लिया गया है। खास यह है कि नया ब्लड बैंक सिविल लाइंस में स्थापित हो रहा है, ताकि मरीज हों या तीमारदार उन्हें खून के लिए ज्यादा दौड़ न लगानी पड़े।
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मशीनें आईं, स्थापना का काम जोरों पर
सिविल लाइंस में स्थापित किए जा रहे एएनए के नए ब्लड बैंक के लिए मशीनें मंगाई जा चुकी हैं। मशीनों के साथ फ्रीजर, पैथालॉजी लैब और जांच के लिए स्थान व्यवस्थित किया जा रहा है। फर्नीचर का काम पूरा होते ही मशीनों की स्थापना का काम शुरू किया जाएगा। चिकित्सकों की देखरेख में तकनीकी रूप से दक्ष टेक्नीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ मानक के मुताबिक गुणवत्ता पर ध्यान देंगे।
प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, पीआरबीसी समेत अन्य भी रक्त तत्व भी मिलेंगे
एएनए के नए ब्लड बैंक में रक्त तत्वों को अलग करने के लिए ब्लड सेप्रेटर भी लगाया जा रहा है। इससे जरूरतमंदों को रक्त ही नहीं प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, पीआरबीसी समेत अन्य रक्त तत्व भी उपलब्ध होंगे। रक्तदान करने वालों को खून उपलब्ध होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स, झुलसे लोगों को प्लाज्मा और हीमोग्लोबिन कम होने की स्थिति में चिकित्सक के परामर्श पर पीआरबीसी चढ़ाने की सलाह दी जाती है।
नर्सिंग होम एसोसिएशन समाजहित में नए ब्लड बैंक की स्थापना करा रहा है। लाभ-हानि से इतर, सरकार की ओर से निर्धारित दरों पर जरूरतमंदों को रक्त आदि उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। गुणवत्ता बनाए रखने का संकल्प पीड़ितों को राहत देगा। एसोसिएशन सूबे के अन्य जिलों में भी रक्तकोष स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है।
- डॉ. सुशील सिन्हा, प्रदेश अध्यक्ष नर्सिंग होम एसोसिएशन