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नहीं रहे संघ प्रचारक शंभूनाथ, केसर भवन में दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर 

Fri, 11 Jun 2021 07:30 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 11 Jun 2021 07:30 PM IST
सार


  • फेफड़े में संक्रमण की वजह से पीजीआई लखनऊ में हुआ निधन
  • अशोक सिंघल के साथ रामजन्मभूमि आंदोलन में की थी शिरकत 

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Sangh Pracharak Shambhunath is no more, guard of honor given at Kesar Bhawan
शंभूनाथ के निधन के बाद उनका शव - फोटो : prayagraj

विस्तार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक, विश्व हिंदू परिषद उत्तर प्रदेश के धर्माचार्य संपर्क प्रमुख शंभूनाथ का शुक्रवार को निधन हो गया।  फेफड़े में संक्रमण के चलते उनका पीजीआइ लखनऊ में इलाज चल रहा था। उनका पार्थिव शरीर प्रयागराज में लाया गया। यहां केसर भवन में विहिप, संघ, बजरंग दल एवं भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान केसर भवन में ही उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

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शंभूनाथ के निधन पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सांसद केशरी देवी पटेल, रीता बहुगुणा जोशी आदि ने भी अपनी शोक संवेदना व्यक्त की है। दरअसल शंभूनाथ ने अयोध्या में राममंदिर आंदोलन के दौरान सक्रिय भूमिका निभाई थी। दारागंज में 25 मार्च 1950 को जन्में शंभू लाल बचपन में ही संघ के संपर्क में आने के बाद स्वयंसेवक बन गए। देश में लगे आपातकाल के दौरान वह मीसा बंदी भी रहे।  मार्च 1977 से 1981 तक शिशु मन्दिर में आचार्य रहने के बाद उन्हें संघ में प्रचारक का दायित्व मिला। संघ में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए संघ की योजना से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में आये पूर्वी उत्तरप्रदेश में प्रान्त सह संगठन मन्त्री , संगठन मंत्री का दायित्व निर्वहन किया।
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प्रयागराज में वह धर्माचार्य सम्पर्क और वेद विद्यालय का काम देख रहे थे। बीते दिनों तबीयत खराब होने के बाद उन्हें पीजीआई लखनऊ में भर्ती करवाया गया। वहां सुबह चार बजे उनका निधन हो गया। वहां से उनका पार्थिव शरीर सुबह 11.30 बजे  विश्व हिंदू परिषद प्रांत कार्यालय केसर भवन लाया गया। यहां विहिप पदाधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। आपातकाल में बंदी होने के कारण स्थानीय जिला प्रशासन ने उनका सम्मान किया। एडीएम सिटी भी उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे। केसर भवन से उनका पार्थिव शरीर दारागंज स्थित पैतृक आवास पर ले जाया गया।
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इसके बाद दारागंज घाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र संगठन मंत्री अंबरीश सिंह, प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार, कार्यालय प्रमुख सुनील सिंह, विमल प्रकाश,अजय गुप्ता, सुरेश, नागेंद्र जायसवाल, राकेश मिश्रा, लालमणि तिवारी, अवधेश गुप्ता, विधायक हर्ष वाजपेयी , पुनीत वर्मा, राम जी सिंह, प्रभाकर,  प्रवीण शुक्ला, विनोद अग्रवाल, अमित पाठक आदि मौजूद रहे। 

मंदिर आंदोलन में छाया की तरह अशोक सिंहल के साथ रहे हमेशा

विश्व हिंदू परिसद के प्रवक्ता अश्वनी मिश्र बताते हैं कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के चरमकाल में शंभूनाथ वर्ष 1990 में परिषद से जुड़े। यहां उनके पास बजरंग दल काशी प्रांत के संयोजक पद का दायित्व था। कारसेवा के दौरान अशोक सिंहल के सिर पर चोट लगी थी। उस समय शंभूनाथ पूरे आंदोलन में अशोक सिंहल की छाया बनकर रहे। उसके बाद नेपाल राष्ट्र के संगठन मंत्री बनकर गए।

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