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Pollution : शुद्ध हवा के मामले में संगमनगरी सातवें पायदान पर, 100 प्रतिशत अंक हासिल कर इंदौर पहले स्थान पर

Wed, 10 Sep 2025 03:21 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 10 Sep 2025 03:21 PM IST
सार

गंगा के किनारे के शहरों में सबसे स्वच्छ होने का दर्जा पाने वाली संगमनगरी के खाते में एक और उपलब्धि आई है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में प्रयागराज को पूरे देश में सातवां स्थान मिला है। पिछले वर्ष 20वें स्थान पर था।

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Sangamnagari is at seventh position in terms of clean air, Indore is at first position by getting 100 percent
प्रयागराज नगर निगम। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गंगा के किनारे के शहरों में सबसे स्वच्छ होने का दर्जा पाने वाली संगमनगरी के खाते में एक और उपलब्धि आई है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में प्रयागराज को पूरे देश में सातवां स्थान मिला है। पिछले वर्ष 20वें स्थान पर था। भारत सरकार की ओर से स्वच्छ वायु सर्वेक्षण की शुरुआत 2022 में हुई थी। इसमें लखनऊ के बाद प्रयागराज को दूसरा स्थान हासिल हुआ था। हालांकि, उस वर्ष देश के गिनती के नगर निगमों ने सर्वेक्षण में हिस्सा लिया था। हिस्सा लेने वालों में भी ज्यादातर शहर उत्तर प्रदेश के थे।

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इसके बाद सर्वेक्षण का दायरा बढ़ गया और प्रयागराज काफी पिछड़ गया। 2024 में प्रयागराज को 20वां स्थान मिला था। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले 48 नगर निगमों ने हिस्सा लिया। कचरा निस्तारण, सड़क से उठने वाली धूल, निर्माण के दौरान निकलने वाली धूल, वाहनों एवं उद्योगों से निकलने वाला धुआं, जागरूकता एवं लोगाें का फीडबैक आदि कसौटी पर इन नगर निगमों को परखा गया। इंदौर को 200 में से 200 अंक मिले। उत्तर प्रदेश के नगर निगमों में आगरा 196 अंक पाकर तीसरे तथा कानपुर छठवें स्थान पर रहा। वहीं, प्रयागराज 188 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहा।
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प्रयागराज के 12 अंक कम होने के पीछे अन्य शहरों की तुलना में ई-वाहनों की कम संख्या व ई-चार्जिंग स्टेशनों की कमी है। इसके अलावा निर्माण कार्यों के दौरान उड़ने वाली धूल का ठीक तरीके से प्रबंधन न कर पाना व लोगों का फीडबैक में रुचि नहीं दिखाना भी कारण रहा। अपर नगर आयुक्त दीपेंद्र यादव का कहना है कि यह शहर के लिए बड़ी उपलब्धि है। स्वच्छता को लेकर लगातार सुधार की प्रक्रिया जारी है। कहां कमी रह गई इसका अध्ययन किया जा रहा है। खामियों को दूर किया जाएगा।

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