प्रयागराज: शहर में बड़ी वारदात की फिराक में साहिबगंज गैंग, Uco Bank में पांच करोड़ की चोरी को दे चुका है अंजाम
एक मई 2018 को शहर के सबसे पॉश इलाके सिविल लाइंस में यूको बैंक के 17 लॉकर काटकर पांच करोड़ की चोरी की वारदात की गई थी। लॉकर से नकदी व जेवरात उड़ा दिए गए थे। इस सनसनीखेज वारदात को साहिबगंज के गैंग ने अंजाम दिया था, जिसका सरगना कुख्यात हसन चिकना है।
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कैंट में सैन्य परिसर में चोरी के लिए घुसने के दौरान दो संदिग्धों के पकड़े जाने के बाद झारखंड का साहिबगंज जिला एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल साहिबगंज के ही गिरोह ने शहर में यूको बैंक के 17 लॉकर काटकर पांच करोड़ की चोरी की वारदात अंजाम दी थी। इधर पिछले कुछ समय से साहिबगंज से आए लोगों का शहर में आपराधिक वारदातों में लगातार नाम सामने आने से यह सवाल उठ रहे हैं।
एक मई 2018 को शहर के सबसे पॉश इलाके सिविल लाइंस में यूको बैंक के 17 लॉकर काटकर पांच करोड़ की चोरी की वारदात की गई थी। लॉकर से नकदी व जेवरात उड़ा दिए गए थे। इस सनसनीखेज वारदात को साहिबगंज के गैंग ने अंजाम दिया था, जिसका सरगना कुख्यात हसन चिकना है। इधर कुछ दिनों से शहर में एक बार फिर साहिबगंज के बदमाशों की सक्रियता बढ़ती दिखाई दे रही है। ताजा मामला कैंट का है जहां सुरक्षा दीवार तोड़कर साहिबगंज के तीन संदिग्ध सैन्य परिसर के भीतर घुस गए।
इससे पहले 28 मई को आईजी रेंज कार्यालय के बाहर से कुछ लोगों ने पुलिस के बैरिकेड चुरा लिए थे। सूचना पर पुलिस ने इन्हें रास्ते में पकड़ा जिसमें से अन्य तो भाग निकले लेकिन मो. आसिफ पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि वह साहिबगंज का रहने वाला है जो करेली में अपने साथियों के साथ आकर झुग्गी झोपड़ी में रहता है। इससे पहले नगर निगम मतदान के दिन करेली में साहिबगंज की ही पांच महिलाएं जाली आधार कार्ड संग मतदान करने के प्रयास करते पकड़ गई थीं। एडीसीपी अपराध सतीश चंद्र का कहना है कि फिलहाल उन्हें इस प्रकरण की जानकारी नहीं है। न ही किसी तरह की सूचना मिली है।
25 हजार के दो इनामी पांच साल से फरार
यूको बैंक में चोरी मामले में दो आरोपी पांच साल से फरार हैं। उनके खिलाफ 25-25 हजार का इनाम भी घोषित है। इनमें मुख्तार व लवरेज शामिल हैं। इनके खिलाफ कोर्ट से गैरजमानती वारंट भी जारी कराया जा चुका है लेकिन अब तक इनका सुराग नहीं मिल सका है। दोनों साहिबगंज के ही रहने वाले हैं। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि कैंट पुलिस ने इस संबंध में तफ्तीश क्यों नहीं की या साहिबगंज के बदमाशों के पकड़े जाने पर क्राइम ब्रांच को इसकी सूचना क्यों नहीं दी। गौरतलब है कि इस मामले की विवेचना मौजूदा समय में क्राइम ब्रांच ही कर रही है। इस मामले में कुल नौ आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। एक सवाल यह भी है कि पांच साल में भी फरार आरोपियों पर इनाम की राशि क्यों नहीं बढ़ाई गई?
गिरफ्तार बदमाशाें से कैसे नहीं उगलवा सके फरार साथी का नाम
उधर सैन्य परिसर की दीवार तोड़कर तीन संदिग्धों के भीतर दाखिल होने के मामले को लेकर और भी कई सवाल उठ रहे हैं। एक सवाल यह भी है कि कैंट पुलिस आखिर कैसे पकड़े गए दो बदमाशों से उनके तीसरे साथी का नाम नहीं उगलवा सकी। गौरतलब है कि तहरीर में तीन संदिग्धों के घटना में शामिल होने व एक के मौके से फरार होने की बात लिखी होने के बावजूद कैंट पुलिस ने महज दो पर ही रिपोर्ट दर्ज की थी। डीसीपी नगर दीपक भूकर ने बताया कि कोई शिकायत अब तक नहीं मिली है। इस संबंध में पूछताछ की जाएगी।