Mahakumbh : आरएसएस महाकुंभ में 21 लाख लोगों को देगा एक थाली-एक थैला, लिम्का बुक में दर्ज कराने का है लक्ष्य
आरएसएस अपनी स्थापना के शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तनों पर विशेष काम कर रहा है। दो विषयों में पर्यावरण और स्वदेशी भी हैं। इसी कड़ी में महाकुंभ को कचरा मुक्त बनाने की मुहिम छेड़ी गई है। इसके लिए संघ ने देशभर में एक थाली-एक थैला अभियान शुरू किया है।
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महाकुंभ को गंदगीमुक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने एक थाली-एक थैला अभियान शुरू किया है। संघ का इरादा देशभर से स्टील की 21 लाख थालियां और कपड़े के थैले बांटकर लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने का है। अभी तक जुटाई गईं 15 लाख थालियां और थैले यहां पहुंच चुके हैं। संतों, समाजसेवी संस्थाओं और कल्पवासियों को इनका वितरण भी शुरू कर दिया गया है।
आरएसएस अपनी स्थापना के शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तनों पर विशेष काम कर रहा है। दो विषयों में पर्यावरण और स्वदेशी भी हैं। इसी कड़ी में महाकुंभ को कचरा मुक्त बनाने की मुहिम छेड़ी गई है। इसके लिए संघ ने देशभर में एक थाली-एक थैला अभियान शुरू किया है। इसमें संघ के सभी आनुषांगिक संगठन, विश्व हिंदू परिषद और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सहभागी हैं।
संघ का उद्देश्य है कि 13 जनवरी को महाकुंभ का शुभारंभ होने से पूर्व विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं, संतों-महंतों तक पर्याप्त थाली और थैले पहुंचा दिए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को डिस्पोजल बर्तनों में भोजन नहीं करना पड़े। इससे गंदगी नहीं फैलेगी।
संघ के पर्यावरण संयोजक डॉ. अमित पांडेय बताते हैं कि करीब 15 लाख थालियां और थैले यहां पहुंच चुके हैं। इनका कुछ अखाड़ों और कल्पवासियों के शिविरों में वितरण भी शुरू कर दिया गया है। सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करने के लिए कपड़ा, जूट आदि से बने और थैले भी जुटाए जा रहे हैं।
देश के विभिन्न प्रांतों से एकत्र की गईं थालियों को महाकुंभ तक लाने का दायित्व देख रहे डॉ. अमित कहते हैं कि मेले या सार्वजनिक स्थल पर ऐसा सेवाकार्य कभी नहीं हुआ। हम 21 लाख थालियां और थैले वितरित करके इस अभियान को लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराएंगे।
आम लोगों की सहभागिता से मिली रफ्तार
संघ ने श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए राशि जुटाने की तर्ज पर एक थाली-एक थैला अभियान शुरू करके महाकुंभ से आमजन को जोड़ने की बड़ी कोशिश की है। इसमें निरंतर मिल रही सफलता ने और रफ्तार दी। देशभर से जुटाई गईं थालियां और थैले यहां विहिप कार्यालय, संघ कार्यालय आदि स्थानों पर रखी जा रही हैं।