Prayagraj : विदेशी उपकरण उपलब्ध नहीं होने से लटकी रोपवे परियोजना, ठेका लेने वाली कंपनी ने खड़े किए हाथ
2200 मीटर लंबे इस रोपवे के निर्माण के लिए मृदा परीक्षण के बाद पिलरों का निर्माण आरंभ कराना था। इस बीच विदेशी तकनीक पर इसके निर्माण के फ्रांस, स्विट्जरलैंड और स्वीडन की कंपनियों से संपर्क साधा गया था, लेकिन उच्च गुणवत्ता वाली विदेशी तकनीक वाले उपकरणों की समय रहते प्रयागराज में उपलब्धता में कठिनाई आने लगी।
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विदेशी तकनीक पर आधारित उपकरण उपलब्ध नहीं होने से महाकुंभ में संगम पर योगी आदित्यनाथ सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट रोपवे को पूरा नहीं किया जा सकेगा। इस वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग लॉजिस्टिक्स प्रबंधन लिमिटेड (एनएचएलएम) ने इस केबल कार परियोजना को महाकुंभ के बाद शुरू कराने का निर्णय लिया है। एनएचएलएम ने इस आशय का पत्र प्रदेश सरकार को भेज दिया है।
करीब 251.5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले देश के सबसे लंबे रोपवे के लिए एमएचएलएम ने टेंडर प्रक्रिया पूरी करा ली है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर संचालन के लिए परियोजना का ठेका हिमाचल की कंपनी साई इटरनल को दिया गया है।
2200 मीटर लंबे इस रोपवे के निर्माण के लिए मृदा परीक्षण के बाद पिलरों का निर्माण आरंभ कराना था। इस बीच विदेशी तकनीक पर इसके निर्माण के फ्रांस, स्विट्जरलैंड और स्वीडन की कंपनियों से संपर्क साधा गया था, लेकिन उच्च गुणवत्ता वाली विदेशी तकनीक वाले उपकरणों की समय रहते प्रयागराज में उपलब्धता में कठिनाई आने लगी। विदेशी कंपनियों के समय रहते आपूर्ति में हाथ खड़े करने से परियोजना को स्थगित करना पड़ा। रोपवे से एक दिन में 12 हजार से अधिक श्रद्धालुओं-पर्यटकों को संगम की हवाई सैर कराने का लक्ष्य रखा गया था।
इसके लिए रोपवे विनिर्माण और संचालन से आठ देशों की नामी कंपनियों से संपर्क किया गया था। परियोजना को केंद्र सरकार के राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम में शामिल किए जाने के बाद यह नया मोड़ आया है। इसके निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाणपत्र भी मिल चुका था। एनएचएलएम के एक अफसर ने नाम न छापने के आग्रह पर बताया कि अलाइनमेंट का काम पूरा होने के बाद विदेशी उपकरणों की उपलब्धता न होने से इस परियोजना को महाकुंभ के बाद शुरू कराने का निर्णय लिया गया है।
दोनों स्टेशनों से पर्यटकों के लिए रोपवे में बैठने की सुविधा
परेड के पास बांध स्थित शंकर विमान मंदिर और काली मार्ग के बीच से यह रोपवे का निर्माण प्रस्तावित है। इसे बड़े हनुमान मंदिर और किला के पास से होते हुए अरैल में त्रिवेणी पुष्प के पास ले जाया जाना है। दोनों स्थानों पर पर्यटकों के लिए स्टेशन बनाए जाएंगे।