फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Ropeway project stuck due to non-availability of foreign equipment, the company taking the contract gave up

Prayagraj : विदेशी उपकरण उपलब्ध नहीं होने से लटकी रोपवे परियोजना, ठेका लेने वाली कंपनी ने खड़े किए हाथ

Mon, 08 Jul 2024 11:45 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 08 Jul 2024 11:45 AM IST
सार

2200 मीटर लंबे इस रोपवे के निर्माण के लिए मृदा परीक्षण के बाद पिलरों का निर्माण आरंभ कराना था। इस बीच विदेशी तकनीक पर इसके निर्माण के फ्रांस, स्विट्जरलैंड और स्वीडन की कंपनियों से संपर्क साधा गया था, लेकिन उच्च गुणवत्ता वाली विदेशी तकनीक वाले उपकरणों की समय रहते प्रयागराज में उपलब्धता में कठिनाई आने लगी।

विज्ञापन
Ropeway project stuck due to non-availability of foreign equipment, the company taking the contract gave up
रोपवे। सांकेतिक - फोटो : freepik

विस्तार

विदेशी तकनीक पर आधारित उपकरण उपलब्ध नहीं होने से महाकुंभ में संगम पर योगी आदित्यनाथ सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट रोपवे को पूरा नहीं किया जा सकेगा। इस वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग लॉजिस्टिक्स प्रबंधन लिमिटेड (एनएचएलएम) ने इस केबल कार परियोजना को महाकुंभ के बाद शुरू कराने का निर्णय लिया है। एनएचएलएम ने इस आशय का पत्र प्रदेश सरकार को भेज दिया है।

विज्ञापन

करीब 251.5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले देश के सबसे लंबे रोपवे के लिए एमएचएलएम ने टेंडर प्रक्रिया पूरी करा ली है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर संचालन के लिए परियोजना का ठेका हिमाचल की कंपनी साई इटरनल को दिया गया है।

विज्ञापन


2200 मीटर लंबे इस रोपवे के निर्माण के लिए मृदा परीक्षण के बाद पिलरों का निर्माण आरंभ कराना था। इस बीच विदेशी तकनीक पर इसके निर्माण के फ्रांस, स्विट्जरलैंड और स्वीडन की कंपनियों से संपर्क साधा गया था, लेकिन उच्च गुणवत्ता वाली विदेशी तकनीक वाले उपकरणों की समय रहते प्रयागराज में उपलब्धता में कठिनाई आने लगी। विदेशी कंपनियों के समय रहते आपूर्ति में हाथ खड़े करने से परियोजना को स्थगित करना पड़ा। रोपवे से एक दिन में 12 हजार से अधिक श्रद्धालुओं-पर्यटकों को संगम की हवाई सैर कराने का लक्ष्य रखा गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके लिए रोपवे विनिर्माण और संचालन से आठ देशों की नामी कंपनियों से संपर्क किया गया था। परियोजना को केंद्र सरकार के राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम में शामिल किए जाने के बाद यह नया मोड़ आया है। इसके निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाणपत्र भी मिल चुका था। एनएचएलएम के एक अफसर ने नाम न छापने के आग्रह पर बताया कि अलाइनमेंट का काम पूरा होने के बाद विदेशी उपकरणों की उपलब्धता न होने से इस परियोजना को महाकुंभ के बाद शुरू कराने का निर्णय लिया गया है।
 

दोनों स्टेशनों से पर्यटकों के लिए रोपवे में बैठने की सुविधा
 

परेड के पास बांध स्थित शंकर विमान मंदिर और काली मार्ग के बीच से यह रोपवे का निर्माण प्रस्तावित है। इसे बड़े हनुमान मंदिर और किला के पास से होते हुए अरैल में त्रिवेणी पुष्प के पास ले जाया जाना है। दोनों स्थानों पर पर्यटकों के लिए स्टेशन बनाए जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed