{"_id":"5f219b291b08151dc54a3884","slug":"roadways-will-use-kovid-coat-technology-at-roadways-bus-station","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोडवेज बस स्टेशन पर कोविड कोट तकनीक का प्रयोग करेगा रोडवेज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोडवेज बस स्टेशन पर कोविड कोट तकनीक का प्रयोग करेगा रोडवेज
Wed, 29 Jul 2020 09:22 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 29 Jul 2020 09:22 PM IST
विज्ञापन
prayagraj news
- फोटो : prayagraj
यूपी रोडवेज अपने कर्मचारियों एवं यात्रियों की सुरक्षा के लिए अब बस स्टेशनों पर कोविड कोट तकनीक का प्रयोग करेगा। इसका प्रयोग उन स्थानों पर
किया जाएगा जहां यात्रियों एवं रोडवेज कर्मियों को संक्रमण का ज्यादा डर रहता है।
बताया जा रहा है कि किसी भी जगह को विसंक्रमित करने लिए कोविड कोट की परत का प्रभाव तकरीबन 90 दिन रहता है। रोडवेज द्वारा पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसका प्रयोग प्रयागराज समेत प्रदेश के कुछ चुनिंदा बस स्टेशनों पर की जाने की तैयारी की गई है।
इस संबंध में रोडवेज के प्रबंध निदेशक राजशेखर से पिछले दिनों एक कंपनी ने संपर्क भी साधा है। खास बात यह है कि कोविड कोट का मानव शरीर पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ता। एक बार किसी भी सतह को विसंक्रमित करने के लिए उस लगाई गई कोविडकोट की परत का प्रभाव तकरीबन 90 दिन रहता है।
चर्चा है कि कोविड परत बस स्टेशनों पर यात्रियों के बैठने वाले स्थान, पूछताछ काउंटर, प्रतीक्षालय आदि स्थानों पर की जाएगी। इस बारे में क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन का कहना है कि मुख्यालय स्तर पर कोविड कोट परत लगाने की बात उन्होंने भी सुनी है। यह भी बताया गया है कि प्लास्टिक, लोहा, फर्नीचर आदि सतहों पर विभिन्न प्रकार के संक्रमणों को रोकने में प्रभावी हो सकता है।
विज्ञापन
प्रयागराज से लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, फैजाबाद, चित्रकूट आदि मार्ग पर बसों की संख्या दोगुनी की जाएगी। इस दौरान दिल्ली से प्रयागराज आने वाले यात्रियों के लिए दिल्ली बार्डर स्थित कौशांबी डिपो से बस चलाई जाएगी। बैठक में बताया गया कि यात्रियों के फीडबैक के आधार पर सेवा में सुधार के लिए राज्य परिवहन निगम ने नवीन पहले की रूप में लंबी दूरी के सभी बसों को प्रत्येक 200 से 300 किमी के बीच पड़ने वाले बस स्टेशन पर दो अक्त्ूबर से क्विक क्ल्ीनिंग ड्राई मॉपिंग कराने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
किया जाएगा जहां यात्रियों एवं रोडवेज कर्मियों को संक्रमण का ज्यादा डर रहता है।
बताया जा रहा है कि किसी भी जगह को विसंक्रमित करने लिए कोविड कोट की परत का प्रभाव तकरीबन 90 दिन रहता है। रोडवेज द्वारा पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसका प्रयोग प्रयागराज समेत प्रदेश के कुछ चुनिंदा बस स्टेशनों पर की जाने की तैयारी की गई है।
इस संबंध में रोडवेज के प्रबंध निदेशक राजशेखर से पिछले दिनों एक कंपनी ने संपर्क भी साधा है। खास बात यह है कि कोविड कोट का मानव शरीर पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ता। एक बार किसी भी सतह को विसंक्रमित करने के लिए उस लगाई गई कोविडकोट की परत का प्रभाव तकरीबन 90 दिन रहता है।
विज्ञापन
चर्चा है कि कोविड परत बस स्टेशनों पर यात्रियों के बैठने वाले स्थान, पूछताछ काउंटर, प्रतीक्षालय आदि स्थानों पर की जाएगी। इस बारे में क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन का कहना है कि मुख्यालय स्तर पर कोविड कोट परत लगाने की बात उन्होंने भी सुनी है। यह भी बताया गया है कि प्लास्टिक, लोहा, फर्नीचर आदि सतहों पर विभिन्न प्रकार के संक्रमणों को रोकने में प्रभावी हो सकता है।
विज्ञापन
रक्षा बंधन के पहले दिल्ली बार्डर के लिए चलेंगी बसें
रोडवेज द्वारा रक्षा बंधन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस संबंध में प्रबंध निदेशक डा. राजशेखर ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन के साथ बैठक की। बैठक में रक्षा बंधन के अवसर पर विभिन्न रूटों पर अतिरिक्त बसों का संचालन करने को कहा गया। कहा गया कि र क्षा बंधन के अवसर पर कुल 9200 बसों का संचालनप्रदेश भर में होगा।प्रयागराज से लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, फैजाबाद, चित्रकूट आदि मार्ग पर बसों की संख्या दोगुनी की जाएगी। इस दौरान दिल्ली से प्रयागराज आने वाले यात्रियों के लिए दिल्ली बार्डर स्थित कौशांबी डिपो से बस चलाई जाएगी। बैठक में बताया गया कि यात्रियों के फीडबैक के आधार पर सेवा में सुधार के लिए राज्य परिवहन निगम ने नवीन पहले की रूप में लंबी दूरी के सभी बसों को प्रत्येक 200 से 300 किमी के बीच पड़ने वाले बस स्टेशन पर दो अक्त्ूबर से क्विक क्ल्ीनिंग ड्राई मॉपिंग कराने का निर्णय लिया है।