यूपी : रोडवेज में जल्द मिल सकती है मृतक आश्रितों को नौकरी, पांच साल से ठप है प्रक्रिया
up roadways में वर्ष 2018 से मृतक आश्रितों की नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया ठप पड़ी है। इसे लेकर यूनियन आंदोलनरत भी है। प्रयागराज रीजन में मृतक आश्रितों की संख्या तकरीबन 50 है। कुछ आश्रित संविदा कर्मी के रूप में कार्यरत हैं।
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यूपी रोडवेज में मृतक आश्रितों को नौकरी मिलने की कवायद तेज हो गई है। शासन केे निर्देश पर सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों ने परिवहन निगम को मृतक आश्रितों की सूची भेजी है। उम्मीद है कि इसी वित्तीय वर्ष से तैनाती दिए जाने की कार्यवाही शुरू हो जाएगी।
रोडवेज में वर्ष 2018 से मृतक आश्रितों की नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया ठप पड़ी है। इसे लेकर यूनियन आंदोलनरत भी है। प्रयागराज रीजन में मृतक आश्रितों की संख्या तकरीबन 50 है। कुछ आश्रित संविदा कर्मी के रूप में कार्यरत हैं। वहीं, कुछ ऐेसे भी हैं जो स्थायी नौकरी की मांग कर रहे हैं। शासन को प्रदेश भर से जो आंकड़ा सौंपा गया है उसमें 815 मृतक आश्रित शामिल है। इनमें 795 बस परिचालक और मात्र 20 चालक है। चर्चा यही है कि इन सभी को परिवहन मंत्री के आदेश पर नियुक्ति पत्र जारी हो सकते हैं।
पांच वर्ष पहले हुई थी मृतक आश्रितों की नौकरी
यूपी रोडवेज में पांच वर्ष पहले 2018 में मृतक आश्रितों की भर्ती हुई थी। तब 588 चालक एवं परिचालक शामिल रहे। इस बार मृतक आश्रितों की सूची लंबी है। यह संख्या प्रदेश भर में 815 है। रोडवेज के प्रधान प्रबंधक कार्मिक अतुल जैन भी कह चुके हैं कि मृतक आश्रित भर्ती को लेकर कुछ निर्णय जल्द लिया जा सकता है।
पिछले कुछ दिनों से सुगबुगाहट है कि शासन स्तर पर मृतक आश्रितों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रयागराज मेें 50 के आसपास मृतक आश्रितों को नौकरी का इंतजार है। - मान सिंह, क्षेत्रीय मंत्री, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद