सड़क चौड़ीकरण : बुलडोजर चलाने के लिए घरों पर लगाए गए लाल निशान, महिला ने दी जान देने की धमकी
सड़क चौड़ीकरण के लिए घरों पर लाल निशान लगने के बाद प्रभावित लोगों की नींद उड़ गई है। चौड़ीकरण की जद में आने वाले लोग कुंभ मेलाधिकारी और अधीक्षण अभियंता के कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारी लोगों को समझाने में जुटे हैं।
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महाकुंभ के तहत सड़क चौड़ीकरण केे लिए घरों पर बुलडोजर चलाने की सहायक अभियंता की चेतावनी के बाद लोगों की नींद उड़ गई है। दरअसल आठ फीट का खडंजा मार्ग को 13 फीट करने के बाद अब कुंभ के तहत 23 फीट चौड़ा होना है। इसकी जद में 50 से अधिक मकानों, दुकानों के आने की वजह से लोग मेलाधिकारी से लेकर मुख्य अभियंता तक दौड़ लगा रहे हैं।
चौड़ीकरण के लिए घरों पर बुलडोजर चलाने की ताकीद के बाद एक महिला ने जान देने की धमकी तक दे डाली है। परियोजना के विरोध में पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता के कार्यालयों पर निवासियाें ने प्रदर्शन भी किया है।
शहर से लेकर गांवों तक इन दिनों महाकुंभ की विकास परियोजनाओं पर काम तेज हो गया है। इस क्रम में थरवई बाजार से सोरांव जाने वाले मार्ग पर चकठाकुर राम गांव में में आठ फीट के खड़ंजा को 23 फीट चौड़ा करने का पीडब्ल्यूडी के कुंभ मेला डिवीजन ने प्रस्ताव स्वीकृत करा लिया है। इसके लिए अलाइनमेंट भी हो चुका है।
अधीक्षण अभियंता का लोगों ने किया घेराव
घरों पर एक्सईएन, एई और कुंभ मेला के नायाब तहसीलदार की मौजूदगी में लाल निशान लगाए जाने लगे तब लोगों के होश उड़ गए। एसई देवेंद्र के घेराव करने पहुंचे गांव के लोगों ने अफसरों को बताया कि मेला डिवीजन के एई चंद्रकांत द्विवेदी ने चौड़ीकरण के लिए राजी न होने पर प्रभावित परिवारों को चेताया है कि वह बुल्डोजर चलवाकर चिह्नित घरों को गिरवा देंगे।
इसके बाद से कई परिवार सदमे में हैं। एक घर की स्वामिनी सुनीत दुबे ने तो घर गिराने की चेतावनी के बाद जान देने की धमकी तक दे डाली है। एई दफ्तर पर आए एसके पांडेय का कहना था कि अब 10 मीटर तक सड़क चौड़ी कराई जानी है। इससे कई मकान और दुकानों को गिराना पड़ेगा।
अशोक दुबे, राजेंद्र शुक्ला, आरके पाठक, विजय नारायण मिश्र ने मुख्य अभियंता एके द्विवेदी के कार्यालय में भी पहुंच कर गुहार लगाई और घरों को गिरने से रोकने का आग्रह किया। उनका कहना था कि गांव की आंतरिक गली को इतनी चौड़ी करने की कोई जरूरत भी नहीं है। वहां यातायात का उतना दबाव नहीं है। ऐसे में इस प्रस्ताव को निरस्त किया जाना चाहिए।
निवासियों की ओर से ज्ञापन दिया गया है। यह चौड़ीकरण उनके फायदे के लिए है। गांव के लोग अगर राजी नहीं होंगे तो शासन स्तर पर वार्ता कर रास्ता निकाला जाएगा। - देवेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता