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पीडब्ल्यूडी में बिना टेंडर अनुबंध के फिर करोंडों का सड़क निर्माण
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Road construction of Karondas without tender contract in PWD
फोटो भी है
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पीडब्ल्यूडी में बिना टेंडर अनुबंध के फिर करोड़ों का सड़क निर्माण
क्रासर
जेई का हस्तक्षेप बेअसर, बिना तकनीकी स्वीकृति के छह किमी तक कराई गई वाइडनिंग
तीन अभियंताओं के निलंबन के बाद अफसरों की नाक के नीचे मनमानी
अनूप ओझा
प्रयागराज। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के विभाग पीडब्ल्यूडी में अंधेरगर्दी रुकने का नाम नहीं ले रही है। करोड़ों के सड़क निर्माण घोटाले में एक्सईएन समेत तीन अभियंताओं के निलंबन के बाद कोरांव-देव घाट-ड्रमंडगंज रोड पर भी बिना अनुबंध के निर्माण कराने का मामला सामने आने केबाद हड़कंप मच गया है। छह किमी सड़क की वाइडनिंग करा ली गई। अवर अभियंता के हस्तक्षेप पर कुछ देर के लिए काम रुका, लेकिन फिर चालू हो गया।
बिना टेंडर सड़क निर्माण को लेकर लखनऊ तक मंत्री-अफसरों की त्यौरी चढ़ने के बाद भी पीडब्लल्यूडी में मनमानी नहीं रोकी जा सकी है। करीब 16 किमी लंबे कोरांव-देवघाट-ड्रमंडगंज मार्ग पर भी बिना टेंडर के ही काम शुरू करा दिया गया। न तो अनुबंध स्वीकृत हुई और न ही मुख्य अभियंता कार्यालय से तकनीकी स्वीकृति ही ली गई। प्रांतीय खंड की इस सड़क पर अब तक छह किमी तक वाडनिंग स्तर का काम कराया जा चुका है। सड़क लगातार खोदी जा रही है। जानकारी मिलने के बाद जेई वीके पांडेय ने मौके पर पहुंचकर काम रोकवा दिया। जेई ने एक्सईएन और एई एसएन मौर्य को रिपोर्ट भी दे दी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। अलबत्ता शनिवार को भी इस सड़क खोदने के साथ ही काम जारी रहा। करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत इस सड़क पर बिना अनुबंध और तकनीकी स्वीकृति के काम कराने के मामले को लेकर उच्चाधिकारी भी सकते में हैं। अवर अभियंता वीके पांडेय ने बताया कि जानकारी मिलते ही काम रोकवा दिया गया था, लेकिन ठेका फर्म मनमानी पर उतारू है। अफसरों का कहना है कि बिना तकनीकी स्वीकृति व अनुबंध के कराए गए कार्य को श्रमदान घोषित कराने की कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।
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पीडब्ल्यूडी में बिना टेंडर अनुबंध के फिर करोड़ों का सड़क निर्माण
क्रासर
जेई का हस्तक्षेप बेअसर, बिना तकनीकी स्वीकृति के छह किमी तक कराई गई वाइडनिंग
तीन अभियंताओं के निलंबन के बाद अफसरों की नाक के नीचे मनमानी
अनूप ओझा
प्रयागराज। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के विभाग पीडब्ल्यूडी में अंधेरगर्दी रुकने का नाम नहीं ले रही है। करोड़ों के सड़क निर्माण घोटाले में एक्सईएन समेत तीन अभियंताओं के निलंबन के बाद कोरांव-देव घाट-ड्रमंडगंज रोड पर भी बिना अनुबंध के निर्माण कराने का मामला सामने आने केबाद हड़कंप मच गया है। छह किमी सड़क की वाइडनिंग करा ली गई। अवर अभियंता के हस्तक्षेप पर कुछ देर के लिए काम रुका, लेकिन फिर चालू हो गया।
बिना टेंडर सड़क निर्माण को लेकर लखनऊ तक मंत्री-अफसरों की त्यौरी चढ़ने के बाद भी पीडब्लल्यूडी में मनमानी नहीं रोकी जा सकी है। करीब 16 किमी लंबे कोरांव-देवघाट-ड्रमंडगंज मार्ग पर भी बिना टेंडर के ही काम शुरू करा दिया गया। न तो अनुबंध स्वीकृत हुई और न ही मुख्य अभियंता कार्यालय से तकनीकी स्वीकृति ही ली गई। प्रांतीय खंड की इस सड़क पर अब तक छह किमी तक वाडनिंग स्तर का काम कराया जा चुका है। सड़क लगातार खोदी जा रही है। जानकारी मिलने के बाद जेई वीके पांडेय ने मौके पर पहुंचकर काम रोकवा दिया। जेई ने एक्सईएन और एई एसएन मौर्य को रिपोर्ट भी दे दी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। अलबत्ता शनिवार को भी इस सड़क खोदने के साथ ही काम जारी रहा। करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत इस सड़क पर बिना अनुबंध और तकनीकी स्वीकृति के काम कराने के मामले को लेकर उच्चाधिकारी भी सकते में हैं। अवर अभियंता वीके पांडेय ने बताया कि जानकारी मिलते ही काम रोकवा दिया गया था, लेकिन ठेका फर्म मनमानी पर उतारू है। अफसरों का कहना है कि बिना तकनीकी स्वीकृति व अनुबंध के कराए गए कार्य को श्रमदान घोषित कराने की कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।
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