उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा में पेपर लीक और धांधली का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थी दोबारा परीक्षा कराने की मांग पर अड़े हैं। छात्रों का आंदोलन कई दिनों से चल रहा है। शुक्रवार को महापंचायत का आयोजन कर अभ्यर्थियों ने आयोग के सभी छह गेट को बंद कर दिया था, जिससे आयोग के तमाम अधिकारी और कर्मचारियों को बाहर निकलने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा था। सोमवार को महापंचायत 2.0 की घोषणा की गई थी। आज आंदोलन कर रहे एक अभ्यर्थी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसे नैनी जेल ले जाया गया है। इसकी जानकारी होने पर अभ्यर्थी और आक्रोशित हो गए।
Ro-Aro Paper Leak : यूपीपीएससी गेट के सामने भारी संख्या में फोर्स तैनात, महापंचायत के लिए बैठने से रोका
सोमवार को महापंचायत 2.0 के लिए जुटे अभ्यर्थियों को यूपीपीएससी के सामने खड़े नहीं होने दिया गया। भोर से ही आयोग के चारों तरफ पुलिस और आरएफ के जवानों को तैनात कर दिया गया। प्रदर्शन के लिए अभ्यर्थियों को पत्थर गिरजाघर जाने के लिए कहा गया।
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सिपाही भर्ती निरस्त होने के बाद आयोग पर बढ़ा दबाव
पेपर लीक मामले में पुलिस भर्ती परीक्षा निरस्त किए जाने के बाद अब उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) पर आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 को निरस्त किए जाने का दबाव बढ़ गया है। दोनों ही परीक्षाओं में पेपर लीक के जो मामले सामने आए हैं, उनमें काफी कुछ समानताएं हैं।
हालांकि, आयोग ने पेपर लीक मामले में अभ्यर्थियों से दो मार्च तक ईमेल आईडी roaro2023info@gmail.com पर साक्ष्य मांगे हैं। ऐसे में दो मार्च से पहले आयोग कोई निर्णय नहीं लेने वाला है। इस बीच शासन ने भी अपने स्तर से मामले की जांच शुरू करा दी है और अभ्यर्थियों से नियुक्ति विभाग के ईमेल आईडी secyappoint@nic.in पर 27 फरवरी तक पेपर लीक से संबंधित साक्ष्य मांगे गए हैं।
पुलिस भर्ती परीक्षा और आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा में पेपर शुरू होने से कुछ देर पहले प्रश्नपत्र वायरल हुए और कुछ ही देर में प्रश्नपत्रों के उत्तर व्हाट्सएप के माध्यम से लाखों मोबाइल फोन तक पहुंचा दिए गए। पुलिस भर्ती परीक्षा निरस्त होने के बाद अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने दोनों ही परीक्षाओं में पेपर लीक होने का दावा किया था। उनका दावा सही साबित हुआ। पुलिस भर्ती परीक्षा की तरह अब आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा भी निरस्त होनी चाहिए।
यूपी के 58 जिलों में हुई थी परीक्षा
11 फरवरी 2024 को हुई प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रदेश के 58 जिलों में 2387 केंद्र बनाए गए थे। आयोग के पास स्टाफ और संसाधन उतने ही हैं, जितने वर्ष 2021 की परीक्षा में थे। आयोग के सूत्रों का कहना है कि केंद्रों की संख्या इतनी अधिक थी कि हर केंद्र में मोबाइल फोन जैमर का इस्तेमाल कर पाना संभव नहीं था।
आयोग ने तलब की है 58 जिलों से रिपोर्ट
समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 में पेपर लीक विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की आंतरिक जांच समिति तेजी से आगे बढ़ रही है। आयोग ने 58 जिलों के नोडल अफसरों से परीक्षा केंद्रों को लेकर रिपोर्ट तलब की है।आयोग के सूत्रों के अनुसार अब तक जो भी साक्ष्य सामने आए हैं या अभ्यर्थियों की ओर से उपलब्ध कराए गए हैं, उनके अनुसार दोनों पालियों के प्रश्नपत्रों की उत्तरकुंजी परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले व्हाट्स ऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल की गई। प्रथम प्रश्नपत्र की जो उत्तरकुंजी वायरल की गई, उसमें आधे सवालों के वैकल्पिक जवाब सही और आधे गलत हैं।
यूपीपीएससी गेट पर सुबह से ही बड़ी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई। आरएएफ के जवानों को भी लगा दिया गया।