up assembly election 2022 : डॉ. ऋचा सिंह होंगी शहर पश्चिमी से सपा की उम्मीदवार, अमरनाथ मौर्य का टिकट कटा
सपा ने पहले स्वामी प्रसाद मौर्य के करीबी अमरनाथ मौर्य को प्रत्याशी बनाया था। अमरनाथ ने नामांकन भी कर दिया था। नामांकन फॉर्म के साथ उन्होंने पार्टी की ओर से जारी पत्र भी लगाया था, लेकिन अमरनाथ को उम्मीदवार बनाए जाने का पार्टी के भीतर जबरदस्त विरोध रहा।
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शहर पश्चिमी से ऋचा सिंह ही सपा की उम्मीदवार होंगी। बुधवार को जांच के बाद अमरनाथ मौर्य का नामांकन निरस्त कर दिया गया। हालांकि पार्टी की ओर से टिकट को लेकर तीन बार पत्र जारी करने की वजह से प्रशासन के लिए भी निर्णय आसान नहीं रहा, जिसको लेकर दिन भर गतिरोध बना रहा।
सपा ने पहले स्वामी प्रसाद मौर्य के करीबी अमरनाथ मौर्य को प्रत्याशी बनाया था। अमरनाथ ने नामांकन भी कर दिया था। नामांकन फॉर्म के साथ उन्होंने पार्टी की ओर से जारी पत्र भी लगाया था, लेकिन अमरनाथ को उम्मीदवार बनाए जाने का पार्टी के भीतर जबरदस्त विरोध रहा। खासतौर, मुस्लिम नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने ऋचा सिंह के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई।
आखिरी दिन ऋचा ने किया था नामांकन
इसके अलावा ऋचा को आजम खां का भी नजदीकी बताया जा रहा है। कार्यकर्ताओं की इस नाराजगी तथा वरिष्ठ नेताओं के दबाव को देखते हुए पार्टी की ओर से सात फरवरी की रात में अमरनाथ मौर्य का टिकट काटते हुए ऋचा को उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। इसके बाद मंगलवार को आखिरी दिन ऋचा सिंह ने भी नामांकन किया। इसी क्रम में मंगलवार को पार्टी की ओर से एक बार फिर पत्र जारी किया गया।
इसमें ऋचा का टिकट काटकर अमरनाथ को उम्मीदवार बनाए जाने की बात कही गई, लेकिन अमरनाथ मौर्य रिटर्निंग अफसर (आरओ) के पास समय से यह पत्र जमा नहीं कर पाए। नियमानुसार नामांकन के आखिरी दिन तीन बजे तक पार्टी की ओर से जारी फॉर्म एक और बी जमा हो जाना चाहिए, लेकिन अमरनाथ मौर्य बाद में पहुंचे। इसे लेकर अमरनाथ ने बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान भी विरोध जताया, लेकिन ऋचा सिंह को सपा का अधिकृत प्रत्याशी माना गया।
निर्दलीय के रूप में भी अमरनाथ को नहीं मिली मान्यता
आरओ सौरभ भट्ट का कहना है कि चूंकि ऋचा निर्धारित समय के भीतर फॉर्म ए और बी जमा करने पहुंची। प्रपत्र में पार्टी की ओर से अमरनाथ का नाम निरस्त करते हुए ऋचा को उम्मीदवार बनाए जाने का जिक्र था, इसलिए उन्हें अधिकृत प्रत्याशी माना गया। वहीं अमरनाथ ने चार सेट में तो नामांकन किया था लेकिन किसी में प्रस्तावकों की संख्या 10 नहीं रही। जबकि, निर्दलीय प्रत्याशी के लिए न्यूनतम 10 प्रस्तावक होने चाहिए। इसलिए अमरनाथ का नामांकन निरस्त कर दिया गया।
मेजा विधानसभा से शालिनी द्विवेदी को कांग्रेस का अधिकृत प्रत्याशी माना गया है। कांग्रेस से नामांकन करने वाली माधवी राय का नामांकन निरस्त कर दिया गया। फूलपुर में भी सिद्धनाथ मौर्य को कांग्रेस का अधिकृत प्रत्याशी मानते हुए विनय का नामांकन निरस्त कर दिया गया। उधर अमरनाथ का कहना है कि प्रशासन का निर्णय सही नहीं है। उनके आवेदन पर भी विचार करना चाहिए था। जहां तक पार्टी के निर्णय की बात है, वे उसका सम्मान करते हैं।