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इविवि का आरोप ऋचा ने दोबारा हॉस्टल पर कब्जा जमाया
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Richa recaptures the hostel after being accused of IMV
- फोटो : CITY DESK
इविवि प्रशासन का आरोप ऋचा ने हॉस्टल दोबारा कब्जा किया
0 महिला छात्रावास परिसर से ऋचा के सामान बाहर नहीं ले जाने पर उठाया सवाल
0 प्रॉक्टर ने लगाया आरोप ऋचा के आगे जिला एवं पुलिस प्रशासन लाचार
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर ने छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष एवं शोधछात्रा ऋचा सिंह पर महिला छात्रावास परिसर के हॉल ऑफ रेजीडेंस के कमरा नंबर 301 पर दोबारा अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे की ओर से ऋचा सिंह को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि आतंरिक परिवाद समिति ने पाया है कि आपने एचओआर छात्रावास के कक्ष संख्या 301 पर पुन: कब्जा कर लिया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि अब सिद्घ हो गया है कि आपने अपना सामान छात्रावास परिसर से बाहर ले जाने केलिए पास क्यों नहीं बनवाया और क्यों अपना सामान दान कर दिया। प्रॉक्टर ने आरोप लगाया है कि छात्रावास में पुन: अवैध कब्जा कर लेना उच्च न्यायालय के आदेश का उलंघन है।
इविवि प्रॉक्टर ने आरोप लगाया है कि ऋचा सिंह एक सप्ताह से महिला छात्रावास के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन कर रही हैं, मुख्य द्वार के सामने जहां से दिनभर छात्राएं आती-जाती है, वहां आपत्तिजनक एवं अश्लील भाषा में बैनर लगा रखा है। इससे छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को आपत्ति है। आरोप है कि छात्रावास की अधीक्षिकाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग कर रही हैं। उनका कहना है कि 18 दिसंबर को जब प्रॉक्टर एवं डीएसडब्ल्यू ने आपके पास जाकर लोकतांत्रिक ढंग से अपनी बात रखने का अनुरोध किया तो उनके साथ आपने अभद्र आचरण किया।
प्रॉक्टर ने अपने पत्र में लिखा है कि ऋचा की हठधर्मिता के आगे जिला एवं पुलिस प्रशासन असहाय है। वह विवि प्रशासन को पंगु बना रही हैं। उनका कहना है धारा 144 लागू होने के बाद भी महिला परिसर के मुख्य द्वार पर माइक मीटिंग और अराजक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। इसके लिए आपको जिला प्रशासन की नोटिस भी दी गई है। ऐसे में आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप अपने व्यवहार में सुधार लाएं। प्रॉक्टर ने ऋचा से अपने पत्र के संबंध में तीन जनवरी 2020 तक जवाब मांगा है। ऋचा ने प्रॉक्टर के आरोप को पूरी तरह से निराधार बताते हुए उनका आंदोलन अहिंसक है, प्रॉक्टर उसे गलत दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं।
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ऋचा पर होगा मानहानि का मुकदमा,चिन्हित किए जाएंगे छात्र
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन अब ऋचा सिंह और महिला छात्रावास परिसर के मुख्य द्वार पर धरना दे रहे छात्रों को लेकर सख्त हो गया है। 18 दिसंबर को धरना स्थल पर वार्ता करने गए प्रॉक्टर एवं डीएसडब्ल्यू के साथ अभद्र व्यवहार करने पर विवि प्रशासन ने छात्रों एवं ऋचा पर मानहानि की नोटिस देने की तैयारी की है। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में ऋचा सिंह को जल्द ही मानहानि की नोटिस दी जाएगी तथा उन पर मुकदमा भी दर्ज करवाया जाएगा। पीआरओ डॉ. चित्तरंजन कुमार ने आरोप लगाया कि ऋचा सिंह की पूरी राजनीति झूठ अफवाह और दबाव पर टिकी है। ठेकेदार पर दबाव बना कर वसूली करने के मामले में उनपर एफआईआर दर्ज है। मूल मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए वे अक्सर ऐसे हथकंडे का उपयोग करती हैं। इस मामले में ऋचा सिंह का कहना है कि चितरंजन कुमार फर्जी, एडिटेड आडियो लगाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस मामले में चितरंजन को लीगल नोटिस भेजी गई है। उन्होंने पीआरओ पर आंदोलनकारियों को धमकाने का आरोप लगाया है।
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पीडी गेट पर गले सीसीटीवी हटाने की मांग
0 प्रियदर्शिनी छात्रावास की छात्राओं ने अधीक्षिका को पत्र लिखकर छात्रावास के मुख्य गेट पर लगे कैमरे हटाने की मांग की है। छात्राओं का कहना है कि इससे हमारी निजता का हनन हो रहा है और हम असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। दूसरी ओर कुछ छात्राओं ने हॉस्टल के मेस से रात के समय भोजन टिफिन पैक करने की सुविधा मांगी है।
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0 महिला छात्रावास परिसर से ऋचा के सामान बाहर नहीं ले जाने पर उठाया सवाल
0 प्रॉक्टर ने लगाया आरोप ऋचा के आगे जिला एवं पुलिस प्रशासन लाचार
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर ने छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष एवं शोधछात्रा ऋचा सिंह पर महिला छात्रावास परिसर के हॉल ऑफ रेजीडेंस के कमरा नंबर 301 पर दोबारा अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे की ओर से ऋचा सिंह को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि आतंरिक परिवाद समिति ने पाया है कि आपने एचओआर छात्रावास के कक्ष संख्या 301 पर पुन: कब्जा कर लिया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि अब सिद्घ हो गया है कि आपने अपना सामान छात्रावास परिसर से बाहर ले जाने केलिए पास क्यों नहीं बनवाया और क्यों अपना सामान दान कर दिया। प्रॉक्टर ने आरोप लगाया है कि छात्रावास में पुन: अवैध कब्जा कर लेना उच्च न्यायालय के आदेश का उलंघन है।
इविवि प्रॉक्टर ने आरोप लगाया है कि ऋचा सिंह एक सप्ताह से महिला छात्रावास के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन कर रही हैं, मुख्य द्वार के सामने जहां से दिनभर छात्राएं आती-जाती है, वहां आपत्तिजनक एवं अश्लील भाषा में बैनर लगा रखा है। इससे छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को आपत्ति है। आरोप है कि छात्रावास की अधीक्षिकाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग कर रही हैं। उनका कहना है कि 18 दिसंबर को जब प्रॉक्टर एवं डीएसडब्ल्यू ने आपके पास जाकर लोकतांत्रिक ढंग से अपनी बात रखने का अनुरोध किया तो उनके साथ आपने अभद्र आचरण किया।
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प्रॉक्टर ने अपने पत्र में लिखा है कि ऋचा की हठधर्मिता के आगे जिला एवं पुलिस प्रशासन असहाय है। वह विवि प्रशासन को पंगु बना रही हैं। उनका कहना है धारा 144 लागू होने के बाद भी महिला परिसर के मुख्य द्वार पर माइक मीटिंग और अराजक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। इसके लिए आपको जिला प्रशासन की नोटिस भी दी गई है। ऐसे में आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप अपने व्यवहार में सुधार लाएं। प्रॉक्टर ने ऋचा से अपने पत्र के संबंध में तीन जनवरी 2020 तक जवाब मांगा है। ऋचा ने प्रॉक्टर के आरोप को पूरी तरह से निराधार बताते हुए उनका आंदोलन अहिंसक है, प्रॉक्टर उसे गलत दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं।
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ऋचा पर होगा मानहानि का मुकदमा,चिन्हित किए जाएंगे छात्र
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन अब ऋचा सिंह और महिला छात्रावास परिसर के मुख्य द्वार पर धरना दे रहे छात्रों को लेकर सख्त हो गया है। 18 दिसंबर को धरना स्थल पर वार्ता करने गए प्रॉक्टर एवं डीएसडब्ल्यू के साथ अभद्र व्यवहार करने पर विवि प्रशासन ने छात्रों एवं ऋचा पर मानहानि की नोटिस देने की तैयारी की है। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में ऋचा सिंह को जल्द ही मानहानि की नोटिस दी जाएगी तथा उन पर मुकदमा भी दर्ज करवाया जाएगा। पीआरओ डॉ. चित्तरंजन कुमार ने आरोप लगाया कि ऋचा सिंह की पूरी राजनीति झूठ अफवाह और दबाव पर टिकी है। ठेकेदार पर दबाव बना कर वसूली करने के मामले में उनपर एफआईआर दर्ज है। मूल मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए वे अक्सर ऐसे हथकंडे का उपयोग करती हैं। इस मामले में ऋचा सिंह का कहना है कि चितरंजन कुमार फर्जी, एडिटेड आडियो लगाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस मामले में चितरंजन को लीगल नोटिस भेजी गई है। उन्होंने पीआरओ पर आंदोलनकारियों को धमकाने का आरोप लगाया है।
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पीडी गेट पर गले सीसीटीवी हटाने की मांग
0 प्रियदर्शिनी छात्रावास की छात्राओं ने अधीक्षिका को पत्र लिखकर छात्रावास के मुख्य गेट पर लगे कैमरे हटाने की मांग की है। छात्राओं का कहना है कि इससे हमारी निजता का हनन हो रहा है और हम असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। दूसरी ओर कुछ छात्राओं ने हॉस्टल के मेस से रात के समय भोजन टिफिन पैक करने की सुविधा मांगी है।