कोर्ट : मोदी, योगी और अमित शाह के खिलाफ दाखिल पुनरीक्षण याचिका खारिज
याची का कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और विहिप के महासचिव विनायक राव देशमुख चुनाव के दौरान पार्टी विशेष के प्रचार के लिए सरकारी धन का दुरूपयोग कर रहे है।
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सरकारी धन से चुनाव प्रचार करने के आरोप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृहमंत्री अमित शाह समेत कई भाजपा नेताओं के खिलाफ दाखिल पुनरीक्षण याचिका जिला एवं सत्र न्यायालय इलाहाबाद ने खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि मामला स्थानीय क्षेत्राधिकार से बाहर का होने के कारण पोषणीय नहीं है। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश निर्भय प्रकाश ने याची राकेश नाथ पांडे की ओर से सीजेएम इलाहाबाद द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के प्रार्थना पत्र को खारिज करने वाले आदेश को चुनौती देने वाली पुनरीक्षण याचिका की सुनवाई करते हुए दिया।
याची का कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और विहिप के महासचिव विनायक राव देशमुख चुनाव के दौरान पार्टी विशेष के प्रचार के लिए सरकारी धन का दुरूपयोग कर रहे है। याची ने आपने दावें के समर्थन में समाचार पत्रों की कतरन दाखिल करते हुए भाजपा नेताओं के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
याची ने सभी भाजपा नेताओं के खिलाफ प्रयागराज जिले के कर्नलगंज थाने में तहरीर दी थी। कर्नलगंज पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न करने के पर याची ने सीजेएम की अदालत में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल किया था, जो खारिज कर दिया गया। सीजेएम के आदेश के खिलाफ याची ने जिला व सत्र न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की।
याचिका का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरी ने कहा कि याची द्वारा प्रस्तुत समाचार पत्रों की कतरन साक्ष्य विधि के अनुसार स्वीकार्य साक्ष्य नहीं है। याचिका की सुनवाई कर रहे अपर सत्र न्यायाधीश निर्भय प्रकाश ने पुनरीक्षण याचिका को स्थानीय क्षेत्राधिकार के बाहर का मामला हाेने के कारण पोषणीय नहीं माना और प्रारंभिक स्तर पर ही याचिका को खारिज कर दिया।