पूछताछ में खुलासा : सरकारी स्कूल में पढ़ रहे थे बच्चे, लालच देकर ले जा रहे थे मदरसा
जंक्शन पर एक दिन पहले मानव तस्करी की आशंका में महानंदा एक्सप्रेस से 21 नाबालिगों को उतारा गया था। बच्चों को ले जाने वाले सीतापुर निवासी अब्दुल रब व बिहार निवासी मो. वासिल समेत चार को हिरासत में भी ले लिया गया था।
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जंक्शन पर एक दिन पहले मुक्त कराए गए बच्चों से पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 15 बच्चों ने बताया है कि वह बिहार व पश्चिम बंगाल के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे थे। नाम कटवाकर उन्हें मदरसा ले जाया जा रहा था। जिसके लिए सुख-सुविधाओं का लालच भी दिया गया था। उधर, बच्चों को बाल व शिशु गृह में आवासित कराकर उनके घरवालों को सूचना दे दी गई है।
जंक्शन पर एक दिन पहले मानव तस्करी की आशंका में महानंदा एक्सप्रेस से 21 नाबालिगों को उतारा गया था। बच्चों को ले जाने वाले सीतापुर निवासी अब्दुल रब व बिहार निवासी मो. वासिल समेत चार को हिरासत में भी ले लिया गया था। जिन्होंने बच्चों को मदरसा ले जाने की बात कही थी। मुक्त कराए गए 21 बच्चों से बाल कल्याण समिति ने लंबी पूछताछ की।
इस दौरान पता चला कि जिन 15 बच्चों को मदरसों में ले जाया जा रहा था, वह सभी पश्चिम बंगाल व बिहार स्थित अपने गांवों के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे थे। हालांकि गांवों में पहुंचे दिल्ली व फतेहपुर स्थित मदरसों के एजेंटों ने सुख-सुविधाओं के सब्जबाग दिखाए जिस पर परिजन नाम कटा कर उन्हें भेजने को तैयार हो गए। उधर, विस्तृत पूछताछ के बाद सभी 21 बच्चों को आवासित करा दिया गया। गौरतलब है कि छह ऐसे भी बच्चे थे, जिन्हें मजदूरी के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था।
18 को बाल गृह, तीन भेजे गए शिशु गृह
कुल 21 बच्चों में 18 को राजकीय बाल गृह राजरूपपुर भेजा गया है। उधर 10 साल से कम आयु होने की वजह से तीन को खुल्दाबाद स्थित शिशु गृह में रखा गया है। बाल कल्याण समिति की ओर से उनके परिजनों को भी सूचित कर दिया गया है। जिसके बाद वह शहर आने के लिए चल दिए हैं। समिति का कहना है कि पूछताछ व सत्यापन के बाद बच्चों को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
विस्तृत पूछताछ के बाद बच्चों की काउंसलिंग कराई गई और फिर उन्हें आवासित करा दिया गया। पूछताछ में जो बातें सामने आई हैं, उसकी विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। -अखिलेश मिश्रा, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति, प्रयागराज।
24 घंटे बाद भी नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट
उधर बच्चों को अवैध तरीके से ले जाने के मामले में 24 घंटे बाद भी एफआईआर नहीं दर्ज की जा सकी। इस मामले में जब जीआरपी थाने के प्रभारी एसएसआई अजीत शुक्ला से बात की गई तो उन्होंने कहा कि तहरीर आरपीएफ की ओर से दी जानी है। तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
वेटिंग रूम में नमाज पढ़ने के मामले की जांच शुरू
उधर हिरासत में लिए मदरसे के उस्ताद अब्दुल रब के जंक्शन के वेटिंग रूम में नमाज पढ़ने के मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एसपी जीआरपी सिद्धार्थशंकर मीणा ने बताया कि जीआरपी व आरपीएफ की संयुक्त टीम को लगाया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।