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Prayagraj: रिटायर्ड प्रोफेसर, शिक्षिका व दवा कारोबारी से 55.57 लाख की ठगी, निवेश, ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर लूटे

Fri, 17 Oct 2025 01:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 17 Oct 2025 01:02 PM IST
सार

सिविल लाइंस की रहने वालीं रिटायर्ड प्रोफेसर, झूंसी निवासी शिक्षिका और दवा कारोबारी से 55.57 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने फेसबुक पर दोस्ती कर शेयर बाजार में निवेश, एपीके फाइल डाउनलोड करने और ऑनलाइन शाॅपिंग के नाम पर इन्हें चपत लगा दी।

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Retired professor, teacher pharmaceutical dealer duped of Rs 55.57 lakh in the name of investment and shopping
जालसाजी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सिविल लाइंस की रहने वालीं रिटायर्ड प्रोफेसर, झूंसी निवासी शिक्षिका और दवा कारोबारी से 55.57 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने फेसबुक पर दोस्ती कर शेयर बाजार में निवेश, एपीके फाइल डाउनलोड करने और ऑनलाइन शाॅपिंग के नाम पर इन्हें चपत लगा दी। तीनों मामलों में साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है।

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झूंसी निवासी दवा कारोबारी ने पुलिस को बताया कि फेसबुक पर अनिका काॅर्टज नाम की युवती से दोस्ती हो गई। उसने अपना पता गुरुग्राम के सेक्टर-37 बताकर व्हॉट्सएप पर बात करना शुरू कर दी। इसके बाद शेयर बाजार में ट्रेडिंग कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। एक वेबसाइट का एक लिंक भेजकर खाता खोलने को कहा।
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झांसे में आकर उन्होंने खाता खुलवा दिया। कुछ रुपये जमा करने के बाद मुनाफा भी दिया गया लेकिन जब उन्होंने दो लाख रुपये निकालने का प्रयास किया तो रुपये नहीं निकले। कहा गया कि इसमें एक लाख डॉलर जमा करने होंगे। रुपये निकालने के चक्कर में अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से लोन लेकर 31.91 लाख रुपये जमा करा दिए।
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इसके बाद और रुपयों की मांग की गई। पैसे न होने के कारण अनिका ने 15 लाख रुपये देने की बात कही। फर्जी तरीके से उसने खाते में रुपये जमा करवाकर रसीद भेज दी। शक होने पर बैंक में पता किया तो जानकारी मिली कि खाते में पैसे जमा नहीं हुए हैं। इसके बाद 3.26 लाख रुपये की और मांग की गई। जब बात करने का प्रयास किया तो नंबर बंद मिला।

एपीके फाइल डाउनलोड कराकर 17.34 लाख की ठगी

सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की रहने वाली रिटायर्ड प्रोफेसर ने पुलिस को बताया कि उनके व्हॉट्सएप पर 14 अगस्त को अंजान नंबर से फोन आया और फिर एक एपीके फाइल भेजी गई। फाइल पर क्लिक करते ही वह डाउनलोड होने लगी। तभी उनका मोबाइल हैंग हो गया। बाद में पता चला कि खाते से कुल 17.34 लाख रुपये की ठगी कर ली गई है। साइबर पुलिस बैंक खाता नंबर के आधार पर ठगों की पहचान कर रही है।

ऑनलाइन ऑर्डर के नाम पर 6.32 लाख की ठगी

झूंसी की रहने वाली महिला शिक्षिका ने पुलिस को बताया कि 11 अक्तूबर को घर का मंदिर खरीदने के लिए इंस्टाग्राम के माध्यम से श्रवनी आनंद महादेश्वर नाम के व्यक्ति से संपर्क हुआ। मंदिर की कीमत तीन हजार रुपये बताई गई। इसके बाद मंदिर ऑनलाइन ऑर्डर कर भुगतान कर दिया। थोड़ी देर बाद लालच दिया गया कि रुपये रिटर्न हो सकते हैं। इस लालच में फंसाकर ठग ने कुल 6.32 लाख रुपये ऐंठ लिए। साइबर थाना प्रभारी अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि ठगों की पहचान की जा रही है।

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