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लंबी सजा काट चुके बंदियों की हिराई पर जवाब तलब
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लंबी सजा काट चुके कैदियों की रिहाई पर जवाब तलब
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लंबे समय से जेलों में सजा भुगत रहे कैदियों की निश्चित अवधि के बाद रिहाई की मांग में दाखिल जनहित याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। याचिका को छह दिसम्बर को सुनवाई हेतु पेश करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने पीयूसीएल की तरफ से उत्पला शुक्ला की जनहित याचिका पर दिया है।
याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता रवि किरण जैन और दीबा सिद्दीकी ने बहस की। इनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने लंबे समय से जेलों में बंद कैदियों को गाइडलाइन के तहत रिहा करने का निर्देश दिया है। जिसका पालन नहीं किया जा रहा है। इसकी वजह से जेलों में क्षमता से अधिक कैदी बंद है। उन्हें मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं।
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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लंबे समय से जेलों में सजा भुगत रहे कैदियों की निश्चित अवधि के बाद रिहाई की मांग में दाखिल जनहित याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। याचिका को छह दिसम्बर को सुनवाई हेतु पेश करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने पीयूसीएल की तरफ से उत्पला शुक्ला की जनहित याचिका पर दिया है।
याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता रवि किरण जैन और दीबा सिद्दीकी ने बहस की। इनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने लंबे समय से जेलों में बंद कैदियों को गाइडलाइन के तहत रिहा करने का निर्देश दिया है। जिसका पालन नहीं किया जा रहा है। इसकी वजह से जेलों में क्षमता से अधिक कैदी बंद है। उन्हें मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं।
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