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मियाद पूरी, शासन को टीम ने नहीं सौंपी रैगिंग मामले की रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 06 Sep 2018 02:29 AM IST
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शासन के निर्देश पर मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में रैगिंग मामले की जांच करने यहां आए जांच टीम सदस्यों ने मियाद पूरी होने के बाद भी अपनी रिपोर्ट नहीं दी है। देश भर में चर्चित रैगिंग मामले में होने वाली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
रैगिंग मामले की जांच करने यहां आए अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. एनसी प्रजापति ने संकेत दिए थे कि बुधवार को रिपोर्ट शासन को सौंप दी जाएगी। टीम के सभी सदस्य अलग-अलग शहरों से हैं। सूत्र बताते हैं कि जांच के बाद जुटाए गए साक्ष्यों पर विचार और हस्ताक्षर करने के लिए तीनों सदस्य अभी तक एक साथ बैठ नहीं पाए हैं। रिपोर्ट तैयार करने का जिम्मा अपर निदेशक को दिया गया है। माना जा रहा है कि टीम ने कॉलेज प्रशासन की लापरवाही को ही रैगिंग का कारण बताया है। ऐसे में चीफ वार्डेन समेत कई जिम्मदारों पर गाज गिर सकती है।
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में रैगिंग मामले को चिकित्सा शिक्षा मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन ने गंभीर मामला बताया है। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। व्यवस्था में लापरवाही करने वालों के खिलाफ भी उन्होंने कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
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प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन ने अनौपचारिक बातचीत के दौरान बताया कि समिति के सदस्यों ने रैगिंग से जुड़े हर पहलू पर पड़ताल की है। मामले की निगरानी प्रमुख सचिव स्तर से की जा रही है। रिपोर्ट मिलने पर उसका परीक्षण कर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। उन्होंने कहा कि रैगिंग संज्ञेय अपराध घोषित है, ऐसे में व्यवस्था बिगाड़ने और छात्रों को प्रताड़ित करने वालों किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जाएगा। हर दिन मामले की मॉनीटरिंग की जा रही है। इस संबंध में किसी भी तरह की शिकायतें या पत्र से संबंधित जानकारियां कॉलेज प्रशासन से मांगी गई हैं।
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रैगिंग मामले की जांच करने यहां आए अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. एनसी प्रजापति ने संकेत दिए थे कि बुधवार को रिपोर्ट शासन को सौंप दी जाएगी। टीम के सभी सदस्य अलग-अलग शहरों से हैं। सूत्र बताते हैं कि जांच के बाद जुटाए गए साक्ष्यों पर विचार और हस्ताक्षर करने के लिए तीनों सदस्य अभी तक एक साथ बैठ नहीं पाए हैं। रिपोर्ट तैयार करने का जिम्मा अपर निदेशक को दिया गया है। माना जा रहा है कि टीम ने कॉलेज प्रशासन की लापरवाही को ही रैगिंग का कारण बताया है। ऐसे में चीफ वार्डेन समेत कई जिम्मदारों पर गाज गिर सकती है।
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मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में रैगिंग मामले को चिकित्सा शिक्षा मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन ने गंभीर मामला बताया है। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। व्यवस्था में लापरवाही करने वालों के खिलाफ भी उन्होंने कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
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प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन ने अनौपचारिक बातचीत के दौरान बताया कि समिति के सदस्यों ने रैगिंग से जुड़े हर पहलू पर पड़ताल की है। मामले की निगरानी प्रमुख सचिव स्तर से की जा रही है। रिपोर्ट मिलने पर उसका परीक्षण कर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। उन्होंने कहा कि रैगिंग संज्ञेय अपराध घोषित है, ऐसे में व्यवस्था बिगाड़ने और छात्रों को प्रताड़ित करने वालों किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जाएगा। हर दिन मामले की मॉनीटरिंग की जा रही है। इस संबंध में किसी भी तरह की शिकायतें या पत्र से संबंधित जानकारियां कॉलेज प्रशासन से मांगी गई हैं।