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Prayagraj : विधायक अब्बास के ड्राइवर पर लगी रासुका के मामले में यूपी सरकार से जवाब

Sat, 13 Jan 2024 03:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 13 Jan 2024 03:55 PM IST
सार

कोर्ट ने यूपी सरकार के अधिवक्ता को जवाब देने के लिए पांच दिन का समय दिया है। कहा है कि वह इस मामले में 17 जनवरी को सुनवाई करेगा। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने नियाज अंसारी की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

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Reply from UP government in the case of NSA against Abbas's driver
court - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब्बास अंसारी के ड्राइवर नियाज अंसारी पर लगी रासुका के मामले में यूपी सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने पूछा है कि क्या हिरासत में लिए जाने का आदेश पारित करते समय न्यायिक प्रक्रिया का अनुपालन किया गया। कोर्ट ने यूपी सरकार के अधिवक्ता को जवाब देने के लिए पांच दिन का समय दिया है। कहा है कि वह इस मामले में 17 जनवरी को सुनवाई करेगा। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने नियाज अंसारी की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

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याची के खिलाफ चित्रकूट जेल में बंद रहने के दौरान अब्बास अंसारी से जेल में अवैध रूप से मिलने और उसे जेल से भगाने के आरोप में 11 फरवरी 2023 को प्राथमिकी दर्ज हुई थी। वह न्यायिक हिरासत में जेल में था। जब उसने जमानत के लिए अर्जी दाखिल की तो डीएम चित्रकूट ने उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई करते हुए हिरासत में ले लिया।
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राज्य सरकार ने इसकी सूचना केंद्र सरकार को देते हुए मामले को पांच जून 2023 को सलाहकार बोर्ड के पास भेज दिया। उसे पहले तीन महीने के लिए और बाद में छह महीने की हिरासत में रखने का आदेश पारित कर दिया गया। इस पर याची ने हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दाखिल की।
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याची अधिवक्ता दया शंकर मिश्रा और अभिषेक कुमार मिश्रा की ओर से कहा गया कि याची को हिरासत में रखने के लिए उसे कोई कानूनी सहायता नहीं मिली। याची ने जेलर के माध्यम से सलाहकार कमेटी के समक्ष अभ्यावेदन भिजवाया लेकिन वह कमेटी के समक्ष प्रस्तुत नहीं हुआ। याची की हिरासत अवधि को भी गलत तरीके से बढ़ाया गया। इस पर कोर्ट ने जवाब तलब किया है।

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