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आसान नहीं डिप्टी सीएम केशव को हटाना, दांव पर है भाजपा का बड़ा राजनीतिक निवेश

Thu, 14 Jan 2021 01:37 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 14 Jan 2021 01:37 AM IST
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Removing Deputy CM Keshav is not easy, BJP's big political investment is at stake
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य - फोटो : amar ujala
प्रधानमंत्री कार्यालय में अहम जिम्मेदारी संभाल चुके गुजरात काडर के आईएएस अफसर अरविंद कुमार शर्मा के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ( वीआरएस) लेने के साथ ही  इस बात की चर्चा तेज हो गई हो कि प्रदेश के दोनों डिप्टी सीएम को हटाया जा रहा है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों के भीतर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर जिस तरह से भाजपा ने बड़ा राजनीतिक निवेश किया है, उसे देखते हुए ऐसा मुमकिन नहीं लग रहा। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इस बात की ज्यादा संभावना है कि सूबे में तीसरा डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। 
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यूपी के मऊ निवासी अरविंद कुमार शर्मा को पीएम नरेंद्र मोदी का करीबी माना जाता रहा है। उनके वीआरएस लेने के पूर्व पिछले सप्ताह पीएम मोदी और सीएम योगी की मुलाकात को देखते हुए इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि एके शर्मा को योगी सरकार में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। कहा यह भी जा रहा है कि या तो दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद और डा. दिनेश शर्मा को हटाया जाएगा या फिर प्रदेश में तीन डिप्टी सीएम होंगे। वहीं दूसरी ओर चर्चा यह भी है कि एके शर्मा के साथ प्रदेश में दो ही डिप्टी सीएम रहेंगे।
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हालांकि पार्टी के कुछ लोग यह भी कहते हैं कि योगी और केशव के बीच तालमेल बहुत बेहतर नहीं है। लेकिन ज्यादातर लोग इस बात को स्वीकारते नहीं है। अधिकांश का यही कहना है कि सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद की बात करें तो भाजपा में उनका कद लगातार बढ़ता जा रहा है। 2012 में पहली बार सिराथू से विधायक बने केशव प्रसाद मौर्य का लगातार भाजपा में प्रमोशन ही हुआ है।
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2014 में सांसद फूलपुर तो 2016 में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं वर्ष 2017 में वह डिप्टी सीएम के पद पर काबिज हुए। पार्टी के वह अब राष्ट्रीय नेताओं में भी गिने जाने लगे हैं।  पिछड़े वर्ग के वोटरों में मजबूत पैठ की वजह से पार्टी हाईकमान ने उन्हें महाराष्ट्र चुनाव में भी भेजा। बिहार चुनाव में भी उन्हें रैली करनी थी, लेकिन कोरोना संक्रमण होने की वजह से वह बिहार चुनाव के प्रचार अभियान में शिरकत नहीं कर सके।  

पश्चिम बंगाल में केशव को किया गया सक्रिय

केशव को अब पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। बुधवार को बंगाल दौरे के दौरान केशव ने जहां हुगली लोकसभा क्षेत्र में रोड शो किया तो वहीं हुगली में ही नाबोपुरा गाछी ग्राम पहुंचकर पार्टी के बूथ अध्यक्ष पोदीप बाउल दास के यहां जाकर भोजन ग्रहण किया। बंगाल चुनाव को लेकर केशव प्रसाद मौर्य द्वारा दिया गया नारा- श्रीकृष्ण हरे-हरे, भाजपा घरे-घरे- का भी पार्टी नेता एवं कार्यकर्ता खूब प्रयोग कर रहे हैं। 

शहर उत्तरी में ज्यादा दिख रही है डिप्टी सीएम की सक्रियता

प्रयागराज में बीते कुछ माह के दौरान डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की शहर उत्तरी विधानसभा में ज्यादा सक्रियता दिख रही है। अगले वर्ष होने वाले चुनाव के पूर्व डिप्टी सीएम ने एक माह के भीतर ही दो रेल ओवरब्रिज का उन्होंने शिलान्यास भी कर दिया। इसके पूर्व गंगा में छह लेन के एक पुल का भी शिलान्यास उन्होंने पिछले वर्ष ही किया। इस पुल का भी एक छोर शहर उत्तरी में ही रहेगा। लगातार हो रहे शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर यह भी कहा जाने लगा है कि केशव मौर्य अगले वर्ष शहर उत्तरी से चुनाव भी लड़ सकते हैं।
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